अब तक 2,295 भारतीयों की सकुशल वापसी, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंधु के तहत भारतीय नागरिकों की वतन वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को भारतीय वायुसेना के तीन विमानों के जरिए इस्राइल से कुल 549 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से नई दिल्ली लाया गया। इन विमानों में क्रमशः 161, 165 और 268 यात्री सवार थे।
नई दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा और डॉ. एल. मुरुगन ने लौटे भारतीयों का स्वागत किया। इस मौके पर विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनका हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंधु का इस्राइली चरण 23 जून 2025 से शुरू हुआ था। उस दिन जॉर्डन से पहला जत्था भारत लाया गया था। इसके बाद वायुसेना के सी-17 विमान ने इस्राइल से 165 भारतीयों को वापस लाया। मंगलवार को तीसरे विमान के जरिए 268 और लोग वतन लौटे। इसके अलावा ईरान के मशहद से एक विशेष विमान के जरिए 292 भारतीय नागरिकों को भी हाल ही में निकाला गया है। अब तक ईरान से कुल 2,295 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
#WATCH | Delhi | 268 Indian nationals return in the third flight from Israel as part of #OperationSindhu
The IAF C-17 flight from Sharm-El-Sheikh, Egypt landed in Delhi at 1100 hrs today 594 Indians have returned so far from Israel as part of #OperationSindhu pic.twitter.com/cFsU5rcZeF
— ANI (@ANI) June 24, 2025
इस्राइल से लौटे कई भारतीयों ने सरकार और भारतीय दूतावास के प्रयासों की खुले दिल से सराहना की। एक बुजुर्ग दंपती त्रियंबक कोली और उनकी पत्नी ने बताया कि इस्राइल में हालात तेजी से बिगड़ रहे थे और वे वहां धमाकों की आवाजों से डरे हुए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सरकार का धन्यवाद किया। त्रियंबक कोली ने कहा, “हम अपने बेटे के नवजात शिशु से मिलने वहां गए थे, लेकिन अचानक स्थिति खराब हो गई। हमने आकाश में मिसाइलें तक देखीं। हम डर के मारे छिप गए थे। अब हम सुरक्षित लौट आए हैं और प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं।”
वतन लौटे एक अन्य भारतीय नागरिक ने बताया कि भारतीय दूतावास ने संकट की घड़ी में हर कदम पर सहयोग किया। उन्होंने कहा, “जब हम इस्राइल में अपने घर से निकले, तब भी सायरन बज रहे थे। हम सभी भारतीय दूतावास और भारत सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हैं।”
भारतीय वायुसेना ने भी इस मिशन को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सी-17 विमानों की मदद से जॉर्डन और मिस्र से भारतीय नागरिकों और मित्र देशों के लोगों को निकाला जा रहा है। वायुसेना ने कहा कि वह दुनिया के किसी भी हिस्से में जरूरत पड़ने पर मदद पहुंचाने को तैयार है और वह हमेशा संकट के समय देश के साथ खड़ी रहती है।
भारत सरकार का यह रेस्क्यू मिशन ऑपरेशन गंगा और ऑपरेशन कावेरी जैसे बड़े निकासी अभियानों की तरह ही एक संगठित और प्रभावी प्रयास बनकर सामने आया है, जो संकट के समय विदेशों में बसे भारतीयों के लिए सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक बनता जा रहा है।





