अमरनाथ यात्रा 2025 में नहीं मिलेगी हेलिकॉप्टर सेवा, सुरक्षा कारणों से सभी रूट नो-फ्लाइंग जोन घोषित

जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा 1 जुलाई से 10 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा मार्गों को नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित करने के एक दिन बाद, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया। बोर्ड ने बताया कि इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी। यह पहली बार है जब बोर्ड ने इस तरह का निर्णय लिया है।
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अप्रैल में पहलगाम के बैसरण इलाके में हुआ आतंकी हमला है, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय गाइड की जान चली गई थी। इस हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसके तहत 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। बोर्ड की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “योग्य प्राधिकरण द्वारा 16 जून 2025 के आदेश में श्री अमरनाथजी यात्रा के सभी मार्गों – पहलगाम और बालटाल – को नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित किया गया है। इसके चलते 2025 की यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी।”
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर यह तय किया गया है कि श्रद्धालु अब केवल पैदल, घोड़े, खच्चरों या पालकी के ज़रिये ही गुफा मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में एक बयान में कहा था कि “भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका है, लेकिन आतंकवाद को युद्ध मानकर ही जवाब दिया जाएगा।” इस फैसले के चलते अमरनाथ यात्रा में इस बार सुरक्षा के लिहाज से कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, और सरकार किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती।





