यूरोप से लेकर अमेरिका तक दिखा भारत का असर, वैश्विक मंचों पर मजबूत हुई छवि
भारत की ओर से भेजे गए सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों ने हाल ही में 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और शहबाज शरीफ सरकार की नीतियों को बेनकाब किया है। इन प्रतिनिधिमंडलों ने अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली, ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी में संघीय विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल से मुलाकात कर भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। भारतीय दल ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग की रणनीति के आगे न झुकने की भारत की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से रखा। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत शांति का संदेश देने वाला देश है, लेकिन आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कदम उठाना भी उसकी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने महाभारत का हवाला देते हुए आतंक के खिलाफ ‘कृष्ण नीति’ अपनाने की बात कही।
इस दौरान भारतीय दल ने जर्मन संसद के प्रमुख सदस्यों और थिंक-टैंकों के साथ भी संवाद किया। सीडीयू के विदेश नीति प्रवक्ता जुर्गन हार्ड्ट और टिलमैन क्यूबन जैसे नेताओं से हुई बातचीत में भारत की यह स्पष्ट नीति दोहराई गई कि आतंकवादियों और उन्हें शरण देने वालों में कोई फर्क नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिका पहुंचे कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सदस्य सीनेटर क्रिस वान होलेन से मुलाकात की। इस दौरान पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के खतरे को उजागर किया गया, जो भारत और अमेरिका दोनों को प्रभावित करता रहा है। सीनेटर ने भारत में हुए आतंकी हमलों के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना भी जताई। शशि थरूर ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के सामने स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर प्रतिनिधिमंडल द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने की जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि दुनिया की कई राजधानियों में गांधी जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो शांति और अहिंसा के प्रतीक हैं।
भारत के इस कूटनीतिक अभियान के जवाब में पाकिस्तान ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। अमेरिका में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमेन ने सिंध में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों, जल संकट और जबरन गायब किए जा रहे लोगों पर चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 2011 से अब तक 8,000 से अधिक लोगों को जबरन लापता किया गया, जिनकी ठीक से जांच तक नहीं हुई।
जर्मनी दौरे के बाद भारत लौटे सांसद रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमने फ्रांस, इटली, डेनमार्क, इंग्लैंड, ब्रुसेल्स और जर्मनी का दौरा किया। संसदों, थिंक टैंकों और भारतीय समुदाय से मुलाकात की। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर वहां काफी आक्रोश था और सभी देशों ने इसकी कड़ी निंदा की। यूरोपीय संसद में भी भारत का पक्ष सुना गया। भारतीय समुदाय में भी भारी उत्साह था। भारत और यूरोप के रिश्ते अब नए आयाम पर पहुंच रहे हैं।”
#WATCH | दिल्ली: भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में ग्रुप-2 का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांस, इटली, डेनमार्क, इंग्लैंड, ब्रुसेल्स और जर्मनी का दौरा किया। हमने… pic.twitter.com/fCCXX3Xxuj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 8, 2025
उन्होंने आगे कहा कि भारत आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और इसकी छाप अब दुनिया भर में दिखाई दे रही है। आतंकवाद के मुद्दे पर पूरा यूरोप भारत के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
भारत का यह व्यापक कूटनीतिक अभियान न सिर्फ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन हासिल करने में सफल रहा, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब आतंक के खिलाफ भारत के दृढ़ और स्पष्ट रुख को गंभीरता से ले रहा है। भारत की विदेश नीति अब सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं रही, बल्कि सभी दलों के एकजुट प्रयासों से यह एक राष्ट्रीय मुहिम का रूप ले चुकी है।





