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“हमने तय कर लिया है उस कांटे को निकाल कर रहेंगे…”: गुजरात में पीएम मोदी

गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ और शहरी विकास वर्ष 2025 के शुभारंभ समारोह में भाग लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं 2 दिनों से गुजरात में हूं. कल मैं वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद गया और आज गांधीनगर, मैं जहां-जहां गया ऐसा लग रहा है देश भक्ति का ज्वार है. गर्जना करता सिंदुरिया सागर और लहराता तिरंगा जन मन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम ऐसा नजारा था ऐसा दृश्य था. ये सिर्फ गुजरात में ही नहीं हिंदुस्तान के कोने-कोने में है.”

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों ना हो लेकिन अगर एक कांटा चुभता है तो पूरा शरीर परेशान रहता है. हमने तय कर लिया है उस कांटे को निकाल कर रहेंगे.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “1947 में जब मां भारती के टुकड़े हुए, ‘कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गई भुजाएं’. देश के 3 टुकड़े कर दिए गए. उसी रात पहला आतंकवादी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ. मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया. अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता, सरदार पटेल की इच्छा थी कि जब तक PoK वापस नहीं आता है सेना रुकनी नहीं चाहिए लेकिन सरदार साहब की बात मानी नहीं गई. ये मुजाहिदीन जो लहू चख गए थे वे सिलसिला 75 साल से चला आ रहा है. पहलगाम में भी उसी का विकृत रूप था. 75 साल तक हम झेलते रहे. पाकिस्तान के साथ जब युद्ध की नौबत आई तीनों बार भारत की सैन्य शक्ति ने पाकिस्तान को धूल चटाई. पाकिस्तान समझ गया है कि वे भारत से जीत नहीं सकता है.”

 

“जिसे हम आज तक प्रॉक्सी युद्ध कहते थे, 6 मई के बाद जो दृश्य देखने को मिले, उसके बाद हम अब इसे प्रॉक्सी युद्ध कहने की गलती नहीं कर सकते. कारण यह है कि जब मात्र 22 मिनट के भीतर 9 आतंकवादी ठिकानों की पहचान कर उन्हें नष्ट कर दिया गया, तो यह एक निर्णायक कार्रवाई थी. इस बार, सब कुछ कैमरों के सामने किया गया, ताकि घर पर कोई सबूत न मांग सके. हमें इस बार सबूत नहीं देना पड़ रहा है उधर वाले सबूत दे रहे हैं…”

 

“6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया गया. उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया. ये सिद्ध करता है कि आतंकवादी गतिविधि प्रॉक्सी वॉर नहीं है, ये आपकी (पाकिस्तान) सोची-समझी युद्ध की रणनीति है, आप वॉर ही कर रहे हैं, तो उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा.”

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हम अपना काम में लगे थे प्रगति की राह पर चले थे, हम सबका भला चाहते हैं और मुसीबत में मदद भी करते हैं लेकिन बदले में खून की नदियां बहती हैं… 1960 में जो सिंधु जल समझौता हुआ है अगर उसकी बारीकी में जाएंगे तो आप चौंक जाएंगे. उसमें यहां तक तय हुआ कि जो जम्मू-कश्मीर की अन्य नदियों पर बांध बने हैं उनकी सफाई का काम नहीं किया जाएगा. उसके लिए गेट नहीं खोले जाएंगे. 60 साल तक गेट नहीं खोले गए. जिसमें शत प्रतिशत पानी भरना चाहिए था धीरे-धीरे उसकी क्षमता कम हो गई. क्या मेरे देशवासियों को पानी पर अधिकार नहीं है क्या? अभी हमने कुछ ज्यादा किया नहीं है और वहां पसीना छूट रहा है. हमने सफाई शुरू की है, इतने से वहां बाढ़ आ जाती है.”

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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