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मुंबई में समय से पहले मानसून की दस्तक से हाहाकार, मेट्रो स्टेशन तक डूबे

मुंबई में मानसून की समय से पहले दस्तक ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक रुक गया है और लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि मुंबई मेट्रो लाइन 3 के अंडरग्राउंड स्टेशन में भी पानी घुस गया, जिससे मेट्रो सेवा को आंशिक रूप से बंद करना पड़ा।

मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (MMRC) के अनुसार, आचार्य अत्रे चौक स्टेशन में पानी भरने के बाद एहतियात के तौर पर वर्ली और आचार्य अत्रे चौक के बीच मेट्रो सेवा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। यह स्टेशन कोलाबा-बीकेसी-आरे जेवीएलआर कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 33 किलोमीटर है। यह मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो लाइन है और अभी निर्माण कार्य जारी है।


MMRC ने बताया कि भारी बारिश के कारण डॉ. एनी बेसेंट रोड पर निर्माणाधीन स्टेशन के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर पानी भर गया। यहां बनी RCC दीवार जलदाब के चलते टूट गई, जिससे पानी स्टेशन में घुस गया। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई में 75 सालों में सबसे जल्दी पहुंचा है। आमतौर पर मानसून 11 जून को आता है, लेकिन इस बार वह 16 दिन पहले, मई में ही शहर में सक्रिय हो गया। इससे मुंबई में 107 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। सोमवार की सुबह हुई मूसलधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी।

मुंबई में समय से पहले पहुंचा मानसून जहां राहत की उम्मीद लेकर आया था, वहीं इसकी तेज बारिश ने शहर की तैयारियों की पोल खोल दी। जलभराव, मेट्रो स्टेशनों में पानी घुसना और यातायात ठप हो जाना दर्शाता है कि बुनियादी ढांचे को अब भी मानसून से लड़ने लायक बनाने की ज़रूरत है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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