जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को ‘जोखिम मुक्त’ बनाने पर दिया जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि दुनिया इस समय एक अनिश्चित और मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे में हमें मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “हम सभी विकासशील देश हैं और COVID महामारी के लंबे प्रभावों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, यूक्रेन युद्ध के कारण खाने-पीने की चीजों, ईंधन और खाद में भी दिक्कतें आई हैं।”
जयशंकर ने बताया कि इस माहौल में कई देशों के लिए कर्ज लेना महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को किसी एक ही देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ऐसी सप्लाई चेन बनानी होगी जो हर हालात में काम करे।
जयशंकर ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई देशों को साथ मिलकर काम करना चाहिए, खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में। इसके लिए नई तकनीक लाने, नियमों को आसान बनाने और टैलेंट को बढ़ावा देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “COVID और युद्ध ने हमें सिखाया कि खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता बहुत जरूरी है। लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देश पूरी दुनिया के लिए अनाज का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए वहां बेहतर तकनीक, फसल उगाने के नए तरीके, अच्छी स्टोरेज सुविधा और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की जरूरत है।”
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इन देशों के बीच स्वास्थ्य, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के अलावा, खनन, रक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सहयोग के कई अवसर हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की अपील की।





