महाकुंभ 2025: गंगा और यमुना का पानी स्नान योग्य, सीपीसीबी की रिपोर्ट में दावा

हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ 2025 के दौरान गंगा और यमुना नदियों के जल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने अपनी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में पेश की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महाकुंभ के दौरान दोनों नदियों का जल स्नान के लिए उपयुक्त था।
रिपोर्ट के अनुसार, 12 जनवरी से महाकुंभ के दौरान हर सप्ताह दो बार गंगा और यमुना के जल की गुणवत्ता की निगरानी की गई। गंगा में पांच स्थानों और यमुना में दो स्थानों पर पानी के नमूने एकत्र किए गए। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि डेटा में विविधता के कारण सांख्यिकीय विश्लेषण जरूरी था, क्योंकि अलग-अलग तारीखों और स्थानों पर लिए गए नमूनों में भिन्नता पाई गई।
इससे पहले 17 फरवरी को CPCB ने NGT को सूचित किया था कि कई स्थानों पर जल की गुणवत्ता स्नान के मानकों पर खरी नहीं उतरी थी। रिपोर्ट के अनुसार, महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान से फेकल लेवल में वृद्धि दर्ज की गई, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
हालांकि, 28 फरवरी को तैयार की गई नई रिपोर्ट, जो 7 मार्च को NGT की वेबसाइट पर अपलोड हुई, में जल को स्नान योग्य बताया गया है। रिपोर्ट पर अभी भी बहस जारी है, और यह मामला अब 7 अप्रैल को NGT में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट में पक्ष रखा।
महाकुंभ के दौरान नदी जल की शुद्धता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस बार भी स्नान से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। अब, CPCB की रिपोर्ट के बाद यह देखना होगा कि NGT इस मामले में क्या फैसला सुनाती है।





