ताज़ा खबरेंभारत

तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण पर रोक की मांग की, यातना और स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला

26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा ने एक बार फिर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, प्रत्यर्पण से बचने की अपनी आखिरी कोशिश में उसने आपातकालीन स्थगन (इमरजेंसी स्टे) की मांग की है। राणा ने अपनी याचिका में दावा किया कि अगर उसे भारत भेजा गया, तो उसे प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी और उसकी जान को खतरा हो सकता है।

राणा ने कहा कि वह पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है और भारत में उसे धार्मिक आधार पर भेदभाव और यातना का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उसने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वह पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है, और भारतीय जेलों में उसे उचित चिकित्सा नहीं मिलेगी।

पहले भी याचिका खारिज, अब फिर कोर्ट पहुंचा राणा

राणा की कानूनी लड़ाई लंबे समय से जारी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहले ही उसकी याचिका को खारिज कर चुका है। 21 जनवरी को उसने निचली अदालत के प्रत्यर्पण संबंधी फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी अपील ठुकरा दी। 19 फरवरी को उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग भी खारिज कर दी गई थी, जिससे भारत को उसे सौंपने का रास्ता साफ हो गया था। इसके बावजूद, राणा ने 5 मार्च को एक बार फिर कोर्ट में याचिका दायर कर दी। हालांकि, इस पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

अमेरिकी प्रशासन ने दी थी प्रत्यर्पण को मंजूरी

तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को अमेरिकी प्रशासन की मंजूरी मिल चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ही राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। ट्रंप ने भारत के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया था कि वे राणा को भारत को सौंपने के लिए तैयार हैं और नई दिल्ली से मिले अन्य प्रत्यर्पण अनुरोधों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके बाद, 12 फरवरी 2025 को अमेरिकी विदेश विभाग ने औपचारिक रूप से प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी।

हालांकि, राणा की कानूनी टीम ने अमेरिकी प्रशासन से भारत में उसके इलाज और सुरक्षा को लेकर आश्वासन मांगा था, लेकिन उन्हें इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। अमेरिकी प्रशासन ने अब तक उसके प्रत्यर्पण के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं किया है, लेकिन भारत सरकार इस पर लगातार काम कर रही है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के अधिकारी इस प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

कौन है तहव्वुर राणा?

तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का नागरिक है, लेकिन उसके पास कनाडा की नागरिकता भी है। वह 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी सहयोगी था। राणा ने हेडली को भारत में रेकी (जासूसी) करने और आतंकी हमले की साजिश रचने में सहायता प्रदान की थी। हेडली, जिसे दाऊद गिलानी के नाम से भी जाना जाता है, पाकिस्तानी मां और अमेरिकी पिता की संतान है और उसके पास अमेरिकी नागरिकता है। 2009 में अमेरिका ने उसे गिरफ्तार किया था, और फिलहाल वह वहीं की जेल में है।

26/11 हमले में गई थी 166 लोगों की जान

26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में प्रवेश कर शहर को चार दिनों तक बंधक बना लिया था। इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। ताज होटल, ओबेरॉय होटल, नरीमन हाउस और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST) पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। भारतीय सुरक्षा बलों ने 9 आतंकियों को मार गिराया था, जबकि एकमात्र जीवित आतंकी अजमल कसाब को पकड़ने में सफलता मिली थी। बाद में कसाब को भारत में मुकदमा चलाकर 2012 में फांसी दे दी गई थी।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button