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फैक्ट चेक: सालों पहले उदयपुर में हुई कुछ युवकों के बीच की झड़प के वीडियो को जयपुर की घटना का बताकर किया गया वायरल

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक सुरंग में कथित तौर पर लड़ते झगड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही वीडियो में पीछे कुछ इस तरह की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं, जो किसी गोली चलने की आवाज से खूब मेल खाती हो। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जयपुर में घाट की गुणी सुरंग में गैंगवार हुआ है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि जयपुर घाट की गुणी सुरंग में हुआ गैंगवार वीडियो वायरल हुआ ये क्या हो रहा है राजस्थान में।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही भ्रामक दावे के साथ वीडियो शेयर किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Zee Rajasthan नामक यूट्यूब चैनल पर मिला, जिसे मार्च 04, 2022 को अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी देते हुए बताया गया है कि वायरल वीडियो की घटना उदयपुर के चिरवा टनल का है। जहां  युवक ने हवाई फायरिंग की थी।

उपरोक्त प्राप्त यूट्यूब वीडियो के मुताबिक वायरल वीडियो जयपुर का नहीं बल्कि उदयपुर का है। इसी जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो को लेकर Jaipur Police के आधिकारिक एक्स हैंडल द्वारा किया गया एक पोस्ट भी मिला जहाँ बताया गया है कि वायरल वीडियो वाली घटना जयपुर के घाट की गुणी की नहीं है।

 

इसके साथ ही वायरल वीडियो की पड़ताल में हमें उदयपुर पुलिस का एक और एक्स पोस्ट मिला जहां यह जानकारी दी गयी है कि इस घटना में फायरिंग नहीं हुई थी. पुलिस के मुताबिक, लाठी-डंडों को बाइक पर मारने से आ रही आवाज को लोग फायरिंग की आवाज मान रहे थे

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही यह वीडियो जयपुर का बल्कि उदयपुर का है। जिसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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