PM Modi ने जारी की किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त

महाराष्ट्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि और पशुपालन से संबंधित कई पहलों का शुभारंभ किया. उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त भी जारी की. इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस अवसर पर मौजूद रहे.
#WATCH वाशिम (महाराष्ट्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि और पशुपालन से संबंधित कई पहलों का शुभारंभ किया। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त भी जारी की।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा… pic.twitter.com/R4CSdRu4cI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 5, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, “नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी करने का अवसर मिला. महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार यहां के किसानों को दोहरा लाभ दे रही है. पोहरादेवी के आशीर्वाद से मुझे अभी लाड़की बहन योजना की लाभार्थियों की मदद करने का अवसर मिला है, यह योजना नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सरकार ने इस पूरे समुदाय को अपराधी घोषित कर दिया था, लेकिन आजादी के बाद बंजारा समुदाय की देखभाल करना और उन्हें उचित सम्मान देना देश की जिम्मेदारी थी. उस समय कांग्रेस की नीतियों ने इस समुदाय को मुख्यधारा से अलग रखा. आजादी के बाद जिस परिवार ने कांग्रेस पार्टी को संभाला, उसकी मानसिकता शुरू से ही विदेशी थी. अंग्रेजी सरकार की तरह यह कांग्रेस परिवार भी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को अपने बराबर नहीं समझता. उन्हें लगता है कि भारत पर सिर्फ एक ही परिवार का शासन होना चाहिए, क्योंकि यह अधिकार उन्हें अंग्रेज देकर गए थे…”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा, “महाराष्ट्र के किसानों ने कई दशकों से बहुत बड़ा संकट झेला है. कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकार ने किसानों को गरीब और बदहाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. जब तक महाअघाड़ी सरकार थी, उनके पास सिर्फ दो एजेंडे थे. पहला, किसानों से जुड़ी परियोजनाओं को रोकना और दूसरा, इन परियोजनाओं के पैसे से भ्रष्टाचार करना. हम केंद्र से परियोजनाओं के लिए पैसा भेजते थे, लेकिन वो उसे खा जाते हैं… हर चुनाव से पहले झूठे वादे करना कांग्रेस का एजेंडा है… महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और महाअघाड़ी सरकान ने कई परियोजनाओं को बंद कर दिया था.”





