ताज़ा खबरेंलोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के इन दिग्गजों ने थामा भाजपा का हाथ, देखें लिस्ट

लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के इन दिग्गजों ने थामा भाजपा का हाथ, देखें लिस्ट

 

देश में 19 अप्रैल से लोकसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान होंगे। ऐसे में सभी दलों के नेता जीत का सहरा अपने सर बांधने के लिए सारे हथकंडे अपना रहे हैं। चुनाव में जीत के साथ-साथ देश की सत्ता पर भी काबिज होने के लिए यह सभी नेता कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। यही वजह है कि चुनावों से पहले कई  नेताओं  व दलों को गठबंधनों के बदलने का सिलसिला भी देखने को मिल रहा है। अलग-अलग दलों के नेता अपने विवेक व विचारों के अनुसार अपनी-अपनी  पार्टियां व अपने गठबंधन को बदलने में लगे हुए हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों के कई दिग्गज नेताओं ने अपना पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया है।

तो आईये जानते हैं कि किन नेताओं व दलों ने कौन सी पार्टी या गठबंधन छोड़ थामा भाजपा का कमल- 

नीतीश कुमार (बिहार)-

नीतीश कुमार ने थामा भाजपा का हाथ
Nitish kumar & BJP

इस फेहरिस्त में सबसे पहला नाम बिहार के मुख्यमंत्री व जनता दल यूनाइटेड के मुखिया नीतीश कुमार का हैं। नीतीश कुमार कुछ दिन पहले तक RJD के साथ गठबंधन में शामिल होकर बिहार की सरकार चला रहे थे व मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज थे। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के खिलाफ INDIA गठबंधन में भी शामिल होने का ऐलान किया था। लेकिन बाद में नीतीश कुमार ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया साथ ही बिहार में भी RJD का साथ छोड़ भाजपा के साथ गठबंधन कर नई सरकार बना ली।

 जयंत चौधरी (उत्तर प्रदेश)-

जयंत चौधरी भाजपा में शामिल

उत्तर प्रदेश में जाट वोट बैंक के मसीहा कहे जाने वाले RLD के मुखिया व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी ने भी हाल ही में समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ भाजपा के घटक दलों में शामिल हो गए हैं। बता दें कि जयंत चौधरी पंद्रहवी लोक सभा में उत्तर प्रदेश के मथुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा में शामिल होने से पहले जयंत की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन का सहारा थी। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने तो उनको 7 सीटें भी दे दी थी, लेकिन जयंत को अखिलेश का ऑफर पसंद नहीं आया और उन्हें कमल के साथ जाना ज्यादा उचित लगा।

 

सांसद सुशील रिंकू (पंजाब )

Sushil Rinku

पंजाब के जालंधर से AAP सांसद रिंकू कुमार 27 मार्च को भाजपा में शामिल गए। बता दें पंजाब में आम आदमी पार्टी के इकलौते लोकसभा सांसद सुशील कुमार रिंकू ने बीते साल बतौर सांसद सदस्यता शपथ ग्रहण की थी। करीब एक साल पहले ही सुशील कुमार रिंकू कांग्रेस का हाथ छोड़कर आप में शामिल हुए थे। आप की टिकट पर 2023 में जालंधर लोकसभा सीट पर उपचुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने।

 परनीत कौर (पंजाब)

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी व पटियाला से कांग्रेस सांसद परनीत कौर ने 14 मार्च, 2024 को भाजपा ज्वाइन कर ली। परनीत कौर पंजाब की ‘शाही सीट’ पटियाला से चार बार कांग्रेस की सांसद रहीं हैं। परनीत कौर पिछले 25 वर्षों से पटियाला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ती आ रही हैं। बता दें कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर साल 2022 में भाजपा का दामन थामा था। 

 

तापस रॉय (पश्चिम बंगाल )

तापस रॉय भाजपा में शामिल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक  तापस रॉय ने पार्टी छोड़ भाजपा की सदस्य्ता ले ली। वह पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी का हवाला देते हुए 04 मार्च को टीएमसी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। जब ममता बनर्जी ने 1990 के दशक में कांग्रेस छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था, तब से वह  बनर्जी के सहयोगी रहे थे।

गौरब वल्लभ 

कांग्रेस के तेज तर्रार व मुखर प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने हाल ही में कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफ़ा देकर उन्होंने भाजपा का कमल थाम लिया।  एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने अपना इस्तीफा पोस्ट करते हुए पार्टी छोड़ने का कारण भी बताया था। उन्होंने कहा है कि वो सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकते। ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली ही दे सकते हैं। यही कारण है कि वो कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।

 

पूर्व सांसद जी. नरेश, सीताराम समेत कई नेता 

तेलंगाना में भी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के दो पूर्व सांसद समेत चार नेता और कांग्रेस के एक नेता ने 10 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए। इनमें बीआरएस के पूर्व सांसद जी. नरेश, सीताराम तथा पार्टी के पूर्व विधायक एस. रेड्डी और जलगाम वेंकट राव और कांग्रेस नेता श्रीनिवास गोमसे शामिल हैं।

बता दें कि दल बदलू नेताओं की सूची में कई और नाम भी शामिल हैं लेकिन इस लेख में हमने विपक्ष कुछ चुनिंदा लोगों की ही बात की है।

Show More

Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button