NM वेरिफाइडताज़ा खबरें

फैक्ट चेक: आसमान में कड़कती बिजली का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, लखनऊ में हुई मूसलाधार बारिश से नहीं इसका कोई संबंध 

फैक्ट चेक: आसमान में कड़कती बिजली का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, लखनऊ में हुई मूसलाधार बारिश से नहीं इसका कोई संबंध 

 

यूपी की राजधानी लखनऊ में बीते दिनों जबरदस्त बारिश हुई। बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भी भर गया। इसी बीच बादलों के बीच कड़कती बिजली का एक वीडियो लखनऊ का बताकर वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि बारिश के बीच गिरती हुई बिजली का ये वीडियो लखनऊ से है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि, “लखनऊ में आज तड़के बिजली की कड़कड़ाहट से सहमे लोग। बिजली चमकने का अद्भुत नजारा कैमरे में कैद हो गया”

फैक्ट चेक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही इस वीडियो का लखनऊ की हालिया बारिश से कोई संबंध नहीं है।

वीडियो देखने में हमें पुराना लगा इसलिए इसकी पड़ताल की। सबसे पहले वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर एक फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से खोजा। इस दौरान हमें वायरल वीडियो से मेल खाता एक वीडियो Eva fox नामक एक एक्स यूजर के अकाउंट पर मिला। इस पोस्ट को 31 मार्च 2023 को शेयर किया गया था।

 

इसके साथ ही खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर भी मिला। इसको भी मार्च 2023 में अपलोड किया गया था।

पुष्टि लिए गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। अब हमें यह वीडियो साल 2020 में एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड प्राप्त हुआ। बता दें इस वीडियो का उपयोग चैनल द्वारा गाने की बीट द्वारा किया गया है। लेकिन यह वही वीडियो है जिसे लखनऊ का बताकर वायरल किया जा रहा है।

 

इस तरह उपरोक्त मिले तथ्यों से यह साबित हो गया की यह वीडियो लखनऊ में हुई हालिया बारिश का तो नही है। हालांकि हम यह नही पता कर पाए कि यह वीडियो कब का है और कहां का है लेकिन यह इंटरनेट पर 2020 से मौजूद है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button