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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना पर लगाई मुहर, केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ दो याचिकाओं को किया ख़ारिज

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना पर लगाई मुहर, केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ दो याचिकाओं को किया ख़ारिज

 

आज यानी 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर दो याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ गोपाल कृष्ण और अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए, ‘क्षमा करें, हम उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेंगे। उच्च न्यायालय ने सभी पहलुओं पर विचार किया था।’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक हित अन्य विचारों से अधिक महत्वपूर्ण हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि अग्निपथ योजना की शुरुआत से पहले रक्षा बलों के लिए रैलियों, शारीरिक और चिकित्सा परीक्षणों जैसी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से चुने गए उम्मीदवारों के पास नियुक्ति का निहित अधिकार नहीं है।

बता दें कि अग्निपथ योजना शुरू होने से पहले भारतीय वायुसेना में भर्ती से जुड़ी एक और तीसरी याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 17 अप्रैल की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से भारतीय वायुसेना में भर्ती से संबंधित तीसरी याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत 27 मार्च को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की योजना को सही ठहराने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रशंसनीय उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय हित में तैयार की गई थी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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