Hindi Newsportal

फैक्ट चेक: पीठ पर हमले के निशान वाले व्यक्ति की ये तस्वीर किसान आंदोलन की नहीं है; जानें सच्चाई

0 3,119

सोशल मीडिया पर एक सिख व्यक्ति की पीठ पर चाबुक के निशान वाली एक तस्वीर इस दावे के साथ साझा की जा रही है कि किसान आंदोलन के दौरान पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा।

“किसान आंदोलन के कभी ना भूलाने वाले पल , 2022 एवं 2024 में सब याद रखा जाएगा।,” एक फेसबुक पोस्ट में लिखा गया हैं.

यहाँ उपरोक्त पोस्ट का लिंक है।

फैक्ट चेक

न्यूजमोबाइल ने तस्वीर की जांच की और पाया कि प्रचलन में चल रही तस्वीर पुरानी है।

जब हमने तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से डाला, तो हमें 2019 का एक ट्वीट मिला, जिसमें उसी तस्वीर को दिखाया गया था।

“दिल्ली के मुखर्जी नगर में सिख ऑटो चालक और बेटे को दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से पीटा। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सिख समुदाय ने आधी रात को विरोध प्रदर्शन किया। #दिल्ली,” एक ट्वीट में कहा गया।

ये भी पढ़े: फैक्ट चेक: क्या इस तस्वीर में दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल के साथ शाहीन बाग की बिलकिस बानो है? जानें सच्चाई

इसके आधार पर, हमने एक खोज की और 25 जुलाई, 2019 को एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें कहा गया था कि मुखर्जी नगर इलाके में सिख टेंपो चालक की पिटाई के बाद दिल्ली पुलिस के दो कांस्टेबलों को “गैर-पेशेवर व्यवहार” के लिए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह घटना 16 जून, 2019 को हुई थी।

न्यूज नेशन टीवी और एबीपी पंजाब ने भी इसी तरह की रिपोर्ट पब्लिश की थी।

हमें इसी घटना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक ट्वीट भी मिला।

“मुखर्जी नगर में दिल्ली पुलिस की बर्बरता अत्यधिक निंदनीय और अनुचित है। मैं पूरी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं। नागरिकों के रक्षकों को अनियंत्रित हिंसक डकैतों में बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है,” 17 जून, 2019 को किये गए ट्वीट में लिखा था।

इसीलिए, उपरोक्त जानकारी से स्पष्ट है कि चलन में जो तस्वीर है वह 2019 की है और किसान आंदोलन से संबंधित नहीं है।

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799

[contact-form-7 404 "Not Found"]

Click here for Latest News updates and viral videos on our AI-powered smart news