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फैक्ट चेक: क्या कनाडा के राजनयिक भारत छोड़ने से पहले पहुचें गोल्डन टेंपल? पुराना वीडियो हुआ वायरल

फैक्ट चेक: क्या कनाडा के राजनयिक भारत छोड़ने से पहले पहुचें गोल्डन टेंपल? पुराना वीडियो हुआ वायरल

भारत कनाडा विवाद के बीच कनाडा के राजनयिक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि भारत द्वारा निर्वासित कनाडाई राजनयिक ने भारत छोड़ने से पहले गोल्डन टेंपल में हरमिंदर साहिब के सामने माथा टेका। क्लेम कैप्शन पंजाबी भाषा में लिखा गया है जो कि इस प्रकार है, “ਕੈਨੇਡੀਅਨ ਹਾਈ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ‘ਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋਣ ਦੀ ਪੁਰਾਣੀ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ” .

हिन्दू अनुवाद- कनाडाई हाई कमीशन का गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने का पुराना वीडियो वायरल।

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2022 के दौरान का है।

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल शुरू की। इसके लिए सबसे पहले वीडियो के एक कीफ्रेम को गूगल रिवर्स सर्च टूल की मदद से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें इंडिया डॉट कॉम की वेबसाइट पर अक्टूबर 27, 2022 को प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम प्रकाशित मिला।

लेख के मुताबिक भारत विरोधी खलिस्तानी संगठनों के सवालों पर पूछे गए एक जवाब में इस राजनयिक कैमरून मैके ने कहा था कि कनाडा में सभी धर्मों का स्वागत किया जाता है। लेख के अनुसार, यह तब हुआ था जब भारत ने कनाडा से भारत विरोधी तत्वों द्वारा तथाकथित “खालिस्तान जनमत संग्रह” को रोकने के लिए कहा था।

लेख से मिली जानकारी से यह मालूम हुआ कि यह वायरल वीडियो पुराना है और हाल के विवाद से संबंधित नहीं है। इसकी ज्यादा जानकारी के लिए कुछ कीवर्ड की सहायता से खोजने पर हमें ANI के एक्स हैंडल पर अक्टूबर 2022 में किया गया एक पोस्ट मिला जिसमें वायरल वीडियो मौजूद है। यहां भी कहा गया है कि कनाडा में खालिस्तान पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजनयिक ने कहा था कि उनके देश में सभी धर्मो का सम्मान किया जाता है।

 

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह साबित हुआ कि वायरल दावा भ्रामक है। यह वीडियो हालिया दिनों का नही बल्कि एक साल पुराना है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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