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नए संसद में पीएम मोदी ने दिया अपना पहला संबोधन, “भारत नए भवन में नए संकल्प के साथ अपना भविष्य तय करने के लिए आगे बढ़ रहा है”

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नए संसद में पीएम मोदी ने दिया अपना पहला संबोधन, “भारत नए भवन में नए संकल्प के साथ अपना भविष्य तय करने के लिए आगे बढ़ रहा है”

 

देश की नए संसद भवन का आज यानी 19 सितंबर से शुभारंभ हो चुका है। सभी सांसद गणों ने नए संसद भवन पहुंच कर कार्यवाही शुरू की।  लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत की सभापति अध्यक्ष ओम बिरला के संबोधन की शुरुआत से हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नए संसद भवन की पहली लोकसभा कार्यवाही में अपना पहला संबोधन दिया।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं इस नए संसद भवन में आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं। यह अवसर कई मायनों में अभूतपूर्व है। यह आज़ादी के अमृत काल की सुबह है।

उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की गगन चूमी सफलता हर देशवासी को गर्व से भर देती है। भारत की अध्यक्षता में G20 का असाधारण आयोजन विश्व में इच्छित प्रभाव प्राप्त करने जैसी अनूठी उपलब्धियां हासिल करने का अवसर बन गया। इसी आलोक में आधुनिक भारत और प्राचीन लोकतंत्र का प्रतीक नए संसद भवन का शुभारंभ हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी बोले कि आज संवत्सरी भी मनाई जाती है, यह एक अद्भुत परंपरा है। आज वह दिन है जब हम कहते हैं ‘मिच्छामी दुक्कड़म’, इससे हमें किसी ऐसे व्यक्ति से माफी मांगने का मौका मिलता है जिसे हमने जानबूझकर या अनजाने में ठेस पहुंचाई है। मैं संसद के सभी सदस्यों और देश की जनता से भी ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि अभी चुनाव तो दूर है,और जितना समय हमारे पास बचा है मैं पक्का मानता हूं कि यहां जो व्यवहार होगा ये निर्धारित करेगा कि कौन यहां बैठने के लिए व्यवहार करता है और कौन वहां बैठने के लिए व्यवहार करता है।

आज जब हम नए संसद भवन में प्रवेश कर रहे हैं, जब संसदीय लोकतंत्र का ‘गृह प्रवेश’ हो रहा है, तब यहां पर आज़ादी की पहली किरण का साक्षी है और जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा – पवित्र सेंगोल – ये वो सेंगोल है जिसको भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने छुआ है…इसलिए हमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण अतीत से जोड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण पर बात करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल पर काफी चर्चा हुई हैं, बहुत वाद-विवाद भी हुए हैं। अटल बिहारी वाजपेई के शासनकाल में कई बार महिला आरक्षण बिल पेश किया गया लेकिन बिल को पारित कराने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं था और इस कारण यह सपना अधूरा रह गया। ईश्वर ने शायद ऐसे कई कामों के लिए मुझे चुना है। कल ही कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी दी गई है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं..हमारी सरकार आज दोनों सदनों में महिलाओं की भागीदारी पर एक नया बिल ला रही है।