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ओडिशा: चक्रवात ‘फनी’ के बीच चुनाव आयोग ने दी रिहायत, 11 जिलों में आचार संहिता पर अस्थायी विराम

चक्रवात ‘फनी’ के मद्देनजर, भारत के चुनाव आयोग ने मंगलवार को ओडिशा के ग्यारह तटीय जिलों में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के प्रावधानों को हटाने के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, ताकि तेजी से बचाव, राहत और बहाली गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके.

उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी-सह-उप-सचिव, काशीनाथ साहू ने मुख्य सचिव, ओडिशा को इस संदर्भ में एक पत्र लिखा था.

“चुनाव आयोग ने भारत के पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभज, गजपति, गंजम, खुर्दा, कटक और जाजपुर जिलों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों को हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

राज्य सरकार की स्क्रीनिंग कमेटी की चक्रवात ‘फनी’ से सफलतापूर्वक बचाव पर सिफारिश के बाद चुनाव आयोग ने बचाव, राहत और बहाली गतिविधियों को तेज़ी से रास्ते पर लाने के लिए यह कदम उठाया है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को चुनाव आयोग को पत्र भेजकर सभी तटीय जिलों से एमसीसी को वापस लेने का अनुरोध किया था, ताकि राज्य में आने वाले चक्रवाती तूफान ‘फनी’ को संभालना सरकार के लिए आसान हो सके.

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उन्होंने कहा था कि ओडिशा में 29 अप्रैल को समाप्त होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में, आदर्श आचार संहिता को “राज्य के सभी तटीय जिलों के लिए पूरी तरह से हटा दिया जाना चाहिए, ताकि सरकार लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थिति को संभाल सके.

तूफान के खतरे को बेहद गंभीर करार देते हुए, पटनायक ने कहा था चक्रवात से केंद्रपाड़ा जिले में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति और बहुत अधिक तूफान के साथ भूस्खलन होने की आशंका है. क्षति को रोकने के लिए प्रतिक्रिया तत्काल, प्रभावी और तेज होनी चाहिए.

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को ओडिशा तट के लिए “येल्लो वार्निंग” जारी की, जो बौध, कालाहांडी, संबलपुर, देवगढ़ और सुंदरगढ़ में बहुत भारी बारिश की आशंका जताता है.

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