अर्नब गोस्वामी केस में सुप्रीम कोर्ट से महाराष्ट्र सरकार को झटका, अर्नब की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी से जुड़े मामले में आज महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। सर्वोच्च अदालत ने विशेषाधिकार हनन मामले (Breach of privilege motion) में अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी किया है। SC ने आज पूछा कि महाराष्ट्र विधानसभा सचिव के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा सचिव के खिलाफ अदालत की अवमानना का कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया जाना चाहिए।
#CJI: We issue notice to the Secretary of Maharashtra Legislative Assembly, to show cause as to why contempt should not be issued against him in terms of Article 129 of the Constitution of India, returnable in 2 weeks.
— Live Law (@LiveLawIndia) November 6, 2020
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अर्नब गोस्वामी को उनके मामले के खिलाफ जारी विशेषाधिकार नोटिस में सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा सचिव ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की आलोचना के लिए अर्नब के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस जारी किया था।
Salve : The members alleged that Goswami used defamatory language against Chief Minister @OfficeofUT and other politicians, called them in single salutations etc.#ArnabGoswami #BombayHighCourt #RepublicTV
— Live Law (@LiveLawIndia) November 6, 2020
इस तरह के आचरण की सराहना नहीं करते – SC
इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कोई इस तरह से कैसे डरा सकता है। इस तरह से धमकियां देकर किसी को अदालत में आने से कैसे रोका जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम इस तरह के आचरण की सराहना नहीं करते हैं।
Salve : The problem cannot be that he will go back to the TV channel and scream and will make allegations against Parambhir Singh. He will certainly. But that it is no ground to keep him in custody.#ArnabGoswami #RepublicTV #BombayHC
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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के सचिव को दो सप्ताह बाद इस केस की अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर रहने को कहा है। अब इस केस की सुनवाई अब कल सुबह 11 बजे की जाएगी।
ARNAB GOSWAMI CASE:
Bombay HC division bench to hold a special sitting on Saturday(tomorrow) at 12 PM to hear the State and the complainant on the prayer for interim release of #ArnabGoswami.
The court today heard Senior Advocates Harish Salve & Abad Ponda for Goswami. https://t.co/VXC48PXpEH
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क्या था पूरा मामला।
सबसे पहले बता दे अर्नब गोस्वामी को मुंबई के नजदीक रायगढ़ जिले से बुधवार 4 नवंबर की सुबह करीब आठ बजे गिरफ्तार किया गया था। दरअसल ये कार्रवाई करीब दो साल पुराने एक मामले में हुई थी जिसमे 2018 में अलीबाग में वास्तुविद अन्वय नाईक ने अपने बंगले में आत्महत्या कर ली थी। उनके साथ उनकी मां ने भी खुदकुशी की थी। मां कुमुद का शव भी कमरे के सोफे पर मिला था। इसके बाद सुसाइड नोट में तीन कंपनियों पर पैसे का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया था। इसमें से एक अर्नब की रिपब्लिक कंपनी भी थी। अर्नब पर आरोप है कि ऑफिस का काम करवाने के बाद उनके 83 लाख रुपए नहीं दिए।
केस बंद होने के बाद फिरसे खुली थी फाइल।
उस समय पुलिस ने खुदकुशी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी लेकिन बाद में केस बंद कर दिया गया। राज्य में सरकार बदलने के बाद पीड़ित परिवार ने एकबार फिर से मुद्दा उठाया और न्याय की गुहार लगाई। मई महीने में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने जांच CID को सौंप दी। जिसे बाद बीते 4 नवंबर पुलिस अर्नब गोस्वामी के घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया।





