तंबाकू और पान मसाला पर नया टैक्स सिस्टम 1 फरवरी से लागू

केंद्र सरकार ने तंबाकू और पान मसाला पर नए टैक्स ढांचे को 1 फरवरी से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन उत्पादों पर अभी लगने वाला जीएसटी मुआवजा उपकर (Compensation Cess) खत्म हो जाएगा और उसकी जगह नए कर लगाए जाएंगे।
नए नियमों के तहत पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े अन्य उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जबकि बीड़ी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा। इसके अलावा इन उत्पादों पर जीएसटी से अलग अतिरिक्त कर भी वसूले जाएंगे।
सरकार पान मसाला पर हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाएगी, वहीं तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाया जाएगा। ये नए कर फिलहाल लग रहे जीएसटी मुआवजा उपकर की जगह लेंगे।
वित्त मंत्रालय ने इसके साथ ही चबाने वाले तंबाकू, जर्दा, सुगंधित तंबाकू और गुटखा पैकिंग मशीनों से जुड़े नए नियम भी अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के तहत अब कर की गणना उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी, जिससे टैक्स वसूली की प्रक्रिया और सख्त हो जाएगी।
यह फैसला दिसंबर में संसद से पारित हुए दो विधेयकों के बाद लिया गया है, जिनके जरिए पान मसाला पर नया सेस और तंबाकू पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का रास्ता साफ हुआ था। सरकार की ताजा अधिसूचना के साथ अब यह साफ हो गया है कि 1 फरवरी से नया टैक्स सिस्टम लागू होगा और मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।





