शिवसेना UBT संकट गहराया, 2 सांसद शिंदे गुट में शामिल; उद्धव और आदित्य ठाकरे ने साधा निशाना

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो सांसदों ने आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इस बीच, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और नेता आदित्य ठाकरे ने दलबदल करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है।
पिछले कुछ हफ्तों से शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर और हिंगोली से सांसद नागेश अष्टीकर ने पार्टी छोड़ने का फैसला सार्वजनिक कर दिया है।
दो सांसदों ने छोड़ा उद्धव ठाकरे का साथ
हिंगोली सांसद नागेश अष्टीकर ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराना मुश्किल हो रहा था।
वहीं धाराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर ने भी शिवसेना (UBT) से अलग होने का फैसला किया। उनके इस कदम को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज
महाराष्ट्र की राजनीति में इन घटनाक्रमों को कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़कर देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि शिंदे गुट लगातार शिवसेना (UBT) के सांसदों और नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है।
बताया जा रहा है कि छह सांसदों ने हाल ही में पार्टी की संसदीय बैठक में हिस्सा नहीं लिया था, जिसके बाद दलबदल की अटकलें तेज हो गई थीं।
उद्धव ठाकरे का पलटवार
लगातार हो रहे दलबदल के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना की पहचान और विरासत मराठी लोगों के अधिकारों की लड़ाई से जुड़ी है और “एक ही शिवसेना हो सकती है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांसद सत्ता और धन के लिए पार्टी और जनता के भरोसे को तोड़ रहे हैं। उद्धव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद संगठन मजबूत बना हुआ है।
आदित्य ठाकरे ने भी साधा निशाना
आदित्य ठाकरे ने भी दलबदल करने वाले सांसदों पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे नेताओं ने अपनी निष्ठा और राजनीतिक सिद्धांतों को छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि जिन सांसदों को जनता ने विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुना था, उनका अचानक पक्ष बदलना मतदाताओं के जनादेश का अपमान है।
राज्यव्यापी अभियान शुरू करेंगे उद्धव
पार्टी में बढ़ती बगावत के बीच उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र भर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात का अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
इस अभियान के तहत वे उन क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे जहां से बागी सांसद चुने गए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
महाराष्ट्र की राजनीति पर असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में और सांसद या नेता शिंदे गुट का रुख करते हैं, तो शिवसेना (UBT) के सामने चुनौती और बढ़ सकती है। वहीं शिंदे गुट अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल है और सभी की नजरें शिवसेना (UBT) के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।





