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उमेश पाल हत्याकांड, जाने क्या था पूरा मामला और कैसे फिल्मी स्टाइल में हुई हत्या 

उमेश पाल हत्याकांड, जाने क्या था पूरा मामला और कैसे फिल्मी स्टाइल में हुई हत्या 

 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को कुछ ऐसा घटा जिससे सबके रोगंटे खड़े कर दिए। यह बीच बाजार में और दिनदहाड़े फिल्म स्टाइल में एक अधिवक्ता की हत्या कर दी गयी। जिससे लोगों के मन में एक बार फिर यूपी की छवि को राम राज्य से गुंडाराज में बदल दिया है।

प्रयागराज में शुक्रवार को कुछ अज्ञात अपराधियों ने 45 सेकंड में एक फ़िल्मी स्टाइल में एक अधिवक्ता की हत्या को अंजाम दिया है। यहाँ अपराधियों ने गोलियों और बम की बौछार कर उमेश पाल और उनके एक गनर की हत्या कर दी। वहीं दूसरा गनर इस वारदात में गंभीर रूप से घायल हो गया।

गौरतलब है कि उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को हत्या कर दी गई थी. राजू के दोस्त और रिश्तेदार उमेश पाल घटना के समय उनके साथ ही थे। वो ही इस हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे।

45 सेकंड में चला देसी बम और 14 गोलियां 

उमेश पाल हत्याकांड में अभी तक की जांच और घटनास्थल से मिले डिजिटल सबूतों से पता चला है कि बदमाशों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की थी। यह फायरिंग .765 बोर और .32 बोर के असलहों से की गई थी। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए 3 गाड़ियों का इस्तेमाल किया था। इसमें दो बाइक और एक सफेद रंग की क्रेटा कार थी। बदमाशों के पास हथियारों का जखीरा था। इसमें चार पिस्टल एक राइफल थी। इन्हीं से उमेश पाल और उनके गनर पर फायरिंग की गई। वहीं, एक बदमाश झोले से बम निकालकर बड़े आराम से फोड़ रहा था। देसी बम के इस्तेमाल से घटनास्थल धुआं-धुआं हो गया था।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी किया ट्वीट

उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि ‘इलाहाबाद-बमकांड में भाजपा सरकार कहीं ये बहाना न बनाए कि उप्र में शूटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है’ अखिलेश यादव ने इस वारदात का एक वीडियो भी शेयर किया है।

https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1629419577875787776?s=20

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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