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कोलकाता के आनंदपुर में भीषण आग: 21 की मौत, डीएनए से होगी शवों की पहचान

कोलकाता के आनंदपुर इलाके में रूबी क्रॉसिंग के पास 28 जनवरी की तड़के करीब 3 बजे एक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पास स्थित दो बड़े गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें एक पुष्पांजलि डेकोरेटर्स का गोदाम था और दूसरा फास्ट फूड चेन Wow! मोमो का लीज पर लिया गया वेयरहाउस।

आग इतनी भयावह थी कि कई शव पूरी तरह जल गए, जिससे उनकी पहचान कर पाना फिलहाल संभव नहीं हो सका है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 28 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे में तलाश अभियान चला रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

ज्वलनशील सामान बना आग की बड़ी वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग सबसे पहले पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम में लगी। इस गोदाम में प्लास्टिक के फूल, लकड़ी, कपड़े, पेंट, फर्नीचर और केमिकल्स जैसे अत्यधिक ज्वलनशील सामान रखे हुए थे। आग लगते ही इन सामग्रियों ने आग को और भयानक बना दिया।

तेज धुआं और अत्यधिक गर्मी के कारण वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही देर में आग बगल में स्थित Wow! मोमो के वेयरहाउस तक पहुंच गई, जहां पैकेजिंग मटेरियल, प्लास्टिक और स्टोरेज का अन्य सामान रखा था। करीब 30 से 35 हजार स्क्वायर फीट का पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया।

सिर्फ तीन लोग बचे जिंदा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में सिर्फ तीन लोग ही जिंदा बच पाए हैं। ये तीनों Wow! मोमो वेयरहाउस में काम करने वाले कर्मचारी बताए जा रहे हैं। बाकी लोग या तो काम कर रहे थे या सो रहे थे और आग व धुएं में फंस गए।

डीएनए जांच से होगी मृतकों की पहचान

अधिकारियों ने बताया कि शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत ज्यादा जले हुए शवों से डीएनए निकालना मुश्किल होता है, लेकिन दांत और लंबी हड्डियों से डीएनए सैंपल मिलने की संभावना रहती है। दांतों की ऊपरी परत अंदर के डीएनए को सुरक्षित रखती है, जिससे पहचान संभव हो सकती है।

पुलिस ने कहा है कि अलग-अलग बॉडी पार्ट्स के डीएनए को खोपड़ियों से मिलाया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस व्यक्ति के हैं।

कोलकाता की तीसरी सबसे बड़ी फायर ट्रेजडी

इस घटना को कोलकाता के इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी फायर ट्रेजडी माना जा रहा है। इससे पहले 2011 में एएमआरआई अस्पताल में आग लगने से 89 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2010 में स्टीफन कोर्ट आग हादसे में 43 लोगों की जान गई थी।

इलाके में कर्फ्यू, हाई कोर्ट पहुंचे शुभेंदु अधिकारी

घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल पर जाने और मार्च निकालने की अनुमति के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की सुनवाई जस्टिस शुभ्रा घोष कर सकती हैं।

मौत के आंकड़ों को लेकर सवाल

मृतकों की संख्या को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम बंगाल के एक यूट्यूबर ने दावा किया है कि मरने वालों की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। हालांकि राज्य सरकार के अनुसार अब तक 23 शव बरामद किए गए हैं और बाकी की तलाश जारी है। Wow! मोमो कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इस हादसे में उनके तीन कर्मचारियों की मौत हुई है। कंपनी ने मृत कर्मचारियों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा, जीवनभर वेतन सहायता और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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