शराब नीति केस: कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया और विजय नायर को किया बरी

नई दिल्ली. दिल्ली शराब नीति से जुड़े बहुचर्चित CBI मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आम आदमी पार्टी के तीन बड़े नेताओं — अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और विजय नायर — को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया. स्पेशल जज जितेन्द्र सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि सीबीआई न तो कोई आपराधिक षड्यंत्र साबित कर पाई और न ही कोई विश्वसनीय सबूत अदालत के सामने पेश कर सकी.
“कोई साजिश नहीं, कोई सबूत नहीं”
कोर्ट ने फैसले में कहा कि इस पूरे मामले में न कोई ओवरऑल साजिश दिखती है और न ही कोई आपराधिक मंशा. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सीबीआई का विस्तृत आरोपपत्र कई कमियों से भरा है और उसे किसी गवाह या बयान का समर्थन नहीं मिलता.
मनीष सिसोदिया के बारे में कोर्ट ने साफ कहा कि उनके खिलाफ कोई प्राइमा फेसी केस ही नहीं बनता और अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा. वहीं अरविंद केजरीवाल के संदर्भ में जज ने टिप्पणी की कि उन्हें बिना किसी ठोस सामग्री के इस केस में घसीटा गया.
CBI की जांच पर उठे गंभीर सवाल
अदालत ने केवल आरोपियों को बरी करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सीबीआई की जांच पद्धति पर भी कड़े सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एजेंसी उचित, तार्किक और निष्पक्ष जांच करने में विफल रही. जज ने यह भी कहा कि फेयर ट्रायल तभी संभव है जब जांच भी निष्पक्ष हो — और इस मामले में जांच उस कसौटी पर खरी नहीं उतरी.
यह फैसला AAP नेताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो इस मामले में लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे.





