Jaspal Rana Death: 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा, PM मोदी बोले भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति

Jaspal Rana Death: भारतीय निशानेबाजी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के दिग्गज निशानेबाज और मशहूर कोच जस्पाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई खिलाड़ियों, खेल संगठनों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। जस्पाल राणा को भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में गिना जाता है, जिन्होंने अपने करियर में देश को कई अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाए।
PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि जस्पाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।<
Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports.
He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 12, 2026
उन्होंने कहा कि जस्पाल राणा ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का नाम रोशन किया और कोच के रूप में भी युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने उनके परिवार और खेल जगत के प्रति संवेदना व्यक्त की।
स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बाद हुआ निधन
रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्पाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौटे थे। लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर हो गई और शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में थे शामिल
जस्पाल राणा का नाम भारतीय शूटिंग इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। वह भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स खिलाड़ियों में शामिल थे।
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 15 पदक जीते, जिनमें:
- 9 स्वर्ण पदक
- 4 रजत पदक
- 2 कांस्य पदक
शामिल हैं।
उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया और शानदार प्रदर्शन किया।
एशियाई खेलों में भी चमके
कॉमनवेल्थ गेम्स के अलावा जस्पाल राणा ने एशियन गेम्स में भी शानदार सफलता हासिल की।
उन्होंने कुल 5 पदक जीते, जिनमें:
- 4 स्वर्ण पदक
- 1 रजत पदक
शामिल हैं।
2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। खास बात यह रही कि उस समय वह तेज बुखार से भी जूझ रहे थे।
कोच के रूप में तैयार किए कई चैंपियन
प्रतियोगी शूटिंग से संन्यास लेने के बाद जस्पाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने भारत के कई युवा निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में:
- मनु भाकर
- सौरभ चौधरी
जैसे नाम शामिल हैं।
मनु भाकर के साथ उनके मतभेदों की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में दोनों ने साथ काम किया। पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर के दो कांस्य पदक जीतने में जस्पाल राणा की भूमिका को काफी अहम माना गया।
भारतीय शूटिंग को दिया नया मुकाम
जस्पाल राणा केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि भारतीय शूटिंग के विकास में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कई युवा प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनाने में योगदान दिया।
उनकी मेहनत और समर्पण ने भारत को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग मंच पर नई पहचान दिलाई।
खेल जगत में शोक की लहर
जस्पाल राणा के निधन के बाद भारतीय खेल जगत में शोक की लहर है। कई खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रशासकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
उनका जाना भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।





