
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर असर के बीच ईरान ने भारत के लिए राहत भरी खबर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ़ हौरमज़ से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद इस इलाके में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर ईरान पहले ही सख्त चेतावनी दे चुका है। अलीरेज़ा तांगसिरी, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना के कमांडर हैं, उन्होंने कहा था कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को पहले ईरान से अनुमति लेनी होगी, वरना उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि ‘एक्सप्रेस रोम’ और ‘मयूरी नारी’ नाम के दो जहाजों ने बिना अनुमति के इस रास्ते से गुजरने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। तंगसीरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो जहाज ईरान की चेतावनी को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर निगरानी और नियमों को और सख्त कर दिया है। हालांकि ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि जो जहाज अमेरिका या इजराइल के हितों से जुड़े नहीं हैं, उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है। हर दिन यहां से करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी इसी रास्ते से भेजी जाती है। ऐसे में अगर यहां कोई बाधा आती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
इस बीच पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं चार जहाज इसके पूर्व में हैं, जिन पर 101 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं।
सरकार ने कहा कि इन सभी जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर मदद देने के लिए मंत्रालय और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग में 28 फरवरी 2026 से 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी चालू किया गया है।
सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय दूतावासों, स्थानीय प्रशासन और शिप मैनेजरों के साथ मिलकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भारत के समुद्री हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।





