कैलिफोर्निया में भारतीय मूल का व्यवसायी 100 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के एक व्यवसायी को बैंकिंग धोखाधड़ी के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, कोरोना डेल मार (Corona del Mar) के रहने वाले 44 वर्षीय महेंद्र मखीजानी पर एक बैंक को लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चूना लगाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
मखीजानी न्यूपोर्ट बीच स्थित ‘केंटोर ग्रुप’ (Cantor Group) का संचालन करता था। इस कंपनी का एक प्रमुख बैंक (जिसे शिकायत में ‘बैंक #1’ कहा गया है) के साथ ऋण समझौता था। समझौते के तहत, बैंक केंटोर ग्रुप को रियल-एस्टेट आधारित ऋण लेने के लिए धन प्रदान करता था, और बदले में केंटोर को उन ऋणों और उनके अंतर्निहित संपार्श्विक (collateral) को बैंक के पास गिरवी रखना था।
धोखाधड़ी का तरीका
अभियोजकों का आरोप है कि मखीजानी ने सितंबर 2024 और अप्रैल 2025 के बीच टाइटल इंश्योरेंस रिकॉर्ड्स में हेराफेरी की। उसने दस्तावेजों में यह दिखाया कि केंटोर के पास ‘फर्स्ट-लियन’ (first-lien) की स्थिति है, जो कर्ज न चुकाने की स्थिति में वसूली के लिए प्राथमिकता देती है। हकीकत में, अन्य लेनदारों के पास उन संपत्तियों पर प्राथमिकता वाले दावे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि मखीजानी या उसके अधीन कर्मचारियों ने एडोब सॉफ्टवेयर का उपयोग करके दस्तावेजों को बदला और मेटाडेटा मिटाने के लिए उन्हें प्रिंट और फिर से स्कैन किया। इसके बाद उसने बैंक के प्रतिनिधियों को गुमराह करने वाली जानकारी दी।
संभावित सजा
अगस्त 2025 में बैंक द्वारा लॉस एंजिल्स सुपीरियर कोर्ट में मुकदमा दायर किए जाने के बाद यह मामला सामने आया। यदि मखीजानी पर लगे ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो उसे अधिकतम 30 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। यह मामला वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के गंभीर परिणामों को रेखांकित करता है।






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