UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक को बताया ‘नरसंहार’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक हालिया बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसे बेनकाब किया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथनेनी ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए क्रॉस-बॉर्डर हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों को ‘नरसंहार’ और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया।
पाकिस्तान पर भारत के कड़े आरोप
राजदूत हरीश पर्वथनेनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “सैन्य अभियान के नाम पर नरसंहार को जायज नहीं ठहराया जा सकता।” उन्होंने यूएनएएमए (UNAMA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में 372 नागरिक मारे गए हैं और 397 घायल हुए हैं। भारत ने इसे न केवल मानवता के खिलाफ अपराध बताया, बल्कि पाकिस्तान की ‘दोमुंही नीति’ पर भी सवाल उठाए।
‘व्यापार और पारगमन आतंकवाद’ का मुद्दा
भारत ने पाकिस्तान पर ‘व्यापार और पारगमन आतंकवाद’ (trade and transit terrorism) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। भारत का कहना है कि पाकिस्तान जानबूझकर व्यापार मार्गों को अवरुद्ध कर रहा है, जो डब्ल्यूटीओ (WTO) के नियमों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
इस दौरान भारत ने अफगानिस्तान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं का समर्थन किया है। साथ ही, 2021 से भारत लगातार गेहूं, जीवन रक्षक दवाएं, टीके और आपातकालीन राहत सामग्री भेजकर अफगान जनता की मदद कर रहा है।
नफरत की फैक्ट्री
भारत ने पाकिस्तान को ‘नफरत की एक संगठित फैक्ट्री’ (organised factory of hate) करार दिया है और समूहों के प्रति पाकिस्तान के आंतरिक रवैये की कड़ी आलोचना की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और अफगान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की मुखर और स्पष्ट नीति को दर्शाता है।





