गुरुग्राम में रिटायर्ड आर्मी मेजर ने ट्रैफिक पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, शराब जांच को लेकर हुआ विवाद

हरियाणा के गुरुग्राम में एक रिटायर्ड सेना अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस के बीच शराब जांच (ड्रंक-ड्राइविंग चेक) को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पूर्व सेना अधिकारी ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तथा उनके परिवार को करीब 90 मिनट तक सड़क किनारे रोके रखा।
मामले की शिकायत गुरुग्राम पुलिस आयुक्त को दी गई है, जिसके बाद जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, रिटायर्ड मेजर हेमेन्द्र सिंह 7 जून की रात अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ डिनर करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान गोल्फ कोर्स रोड स्थित साइबर सिटी क्षेत्र के पास ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें नियमित शराब जांच के लिए रोका।
मेजर सिंह का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ब्रीथ एनालाइजर मशीन का डिस्पोजेबल नोजल बदले बिना ही उनकी जांच की। उनका दावा है कि मशीन पहले किसी अन्य व्यक्ति के लिए इस्तेमाल की गई थी।
पहली जांच में आया अधिक अल्कोहल स्तर
शिकायत के मुताबिक, पहली जांच में उनके रक्त में अल्कोहल का स्तर 91 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया, जो कानूनी सीमा से काफी अधिक था। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी चालान की प्रक्रिया शुरू करने लगे।
हालांकि, मेजर सिंह ने जांच परिणाम पर सवाल उठाते हुए नए नोजल के साथ दोबारा टेस्ट कराने की मांग की।
दोबारा जांच में बदल गए परिणाम
मेजर सिंह का कहना है कि काफी बहस के बाद दोबारा जांच की गई। इस बार नए नोजल का उपयोग किया गया और लगातार दो टेस्ट में अल्कोहल स्तर केवल 13 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर पाया गया, जो निर्धारित कानूनी सीमा के भीतर था।
इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके परिवार को तुरंत जाने की अनुमति नहीं दी।
परिवार को 90 मिनट तक रोके रखने का आरोप
पूर्व सेना अधिकारी का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उनका परिवार करीब 90 मिनट तक सड़क किनारे खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई, तो संबंधित पुलिसकर्मी वहां से चले गए।
आतंकवाद विरोधी अभियान में घायल हुए थे मेजर
हेमेन्द्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वे वर्ष 2007 में सेना से मेडिकल आधार पर सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान चोटें झेली थीं।
पुलिस ने शुरू की जांच
गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच एसीपी ट्रैफिक ईस्ट को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शराब जांच प्रक्रिया में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।





