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फैक्ट चेक: गड्ढों से भरी सड़क का मुयाना लेते चित्रगुप्त और यमराज का यह वीडियो गुजरात का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: गड्ढों से भरी सड़क का मुयाना लेते चित्रगुप्त और यमराज का यह वीडियो गुजरात का नहीं, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोगों को चित्रगुप्त और यमराज के भेष में एक टूटी-फूटी सड़क पर बने हुए गड्ढों की नाप लेते हुए देखा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि टूटी हुई सड़क का यह वीडियो गुजरात का है।

फेसबुक के वायरल पोस्ट को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है की “स्पेस टेक्नोलॉजी’ का उपयोग करके बनाया गया रोड! गुजरती मॉडल

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो गुजरात का नहीं है

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें Hindustan times की वेबसाइट पर अगस्त 28, 2024 को प्रकाशित किए गए एक लेख में वायरल वीडियो की जानकारी मिली।

 

लेख के मुताबिक टूटी हुई सड़क की यह वायरल वीडियो गुजरात का नहीं बल्कि कर्नाटका के उडुपी के आदि उडुपी-मालपे रोड की है, जो उडुपी को प्रसिद्ध मालपे बीच से जोड़ती है।

इसके बाद सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Indian Express की वेबसाइट पर अगस्त 28, 2024 को प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो की जानकारी मिला। यहाँ भी बताया गया है कि वायरल वीडियो कर्नाटका के उडुपी जिले का है।

 

वायरल दावे की पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि टूटी हुई सड़क का वायरल वीडियो गुजरात का नहीं बल्कि कर्नाटक के उडुपी जिले का है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

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