
Europe में जारी भीषण हीटवेव (लू) का प्रकोप अब मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों तक पहुंच गया है। सोमवार, 29 जून 2026 को इस गर्मी ने Ukraine को भी अपनी चपेट में ले लिया है। युद्ध से जूझ रहे Ukraine के लिए यह गर्मी एक नई चुनौती बनकर आई है, क्योंकि देश का बिजली ग्रिड इस अत्यधिक तापमान के दबाव को झेलने की तैयारी कर रहा है।
क्या कह रहे हैं वैज्ञानिक?
वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप के वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि यूरोप में इस समय जो गर्मी रिकॉर्ड की गई है, वह अब तक की सबसे गंभीर हीटवेव में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बिना, गर्मियों की शुरुआत में इतनी भीषण गर्मी का पड़ना “वस्तुतः असंभव” था।
बुनियादी ढांचे पर बढ़ा दबाव
यह हीटवेव सबसे पहले पिछले हफ्ते पश्चिमी यूरोप में शुरू हुई थी। इसने तापमान को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिससे अस्पताल, परिवहन नेटवर्क और बिजली प्रणालियों पर भारी दबाव बढ़ गया है। यूरोप का बुनियादी ढांचा इस तरह की अत्यधिक गर्मी को झेलने के लिए नहीं बनाया गया है और वहां हर जगह एयर कंडीशनिंग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।





