पुणे में ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी: रिटायर्ड महिला से 20.70 लाख रुपये ठगे

पुणे के हडपसर इलाके में साइबर ठगों ने एक 68 साल की रिटायर्ड महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठग लिया। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कई हफ्तों तक डराकर महिला से करीब 20.70 लाख रुपये ऐंठ लिए।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
यह मामला 13 जनवरी से शुरू हुआ, जब महिला को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से जारी एक मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उसने दावा किया कि उस नंबर से अश्लील कॉल और आपत्तिजनक सामग्री भेजी जा रही है।
डराकर बनाया शिकार
जब महिला ने मुंबई जाकर पूछताछ में शामिल होने में असमर्थता जताई, तो कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया। दूसरे ठग ने और दबाव बनाते हुए कहा कि महिला का बैंक खाता 2 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। साथ ही यह भी कहा गया कि एक गिरफ्तार कारोबारी के पास से महिला के नाम का डेबिट कार्ड मिला है। इन बातों से महिला काफी डर गई और उसे लगा कि वह जांच के घेरे में है।
धीरे-धीरे ठगे पैसे
ठगों ने महिला से उसके बैंक खाते, निवेश, सोना और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी जानकारी ले ली। फिर “वेरिफिकेशन” के नाम पर उसे अपनी संपत्ति बेचने के लिए कहा। महिला ने शेयर और सोने के गहने बेचकर पैसे अपने खाते में जमा किए और फिर ठगों द्वारा बताए गए खातों में 20.70 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे नहीं लौटे तो हुआ खुलासा
ठगों ने भरोसा दिलाया था कि जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। लेकिन जब पैसे वापस नहीं मिले, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद महिला ने हडपसर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।
सावधानी जरूरी
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह लोगों को डराकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर बात करने वाले पर तुरंत भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।





