दिल्ली के गोविंदपुरी में दर्दनाक अग्निकांड: 5 मंजिला इमारत में लगी आग, 3 लोगों की मौत, 2 की हालत गंभीर

Govindpuri Fire News: देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में शुक्रवार तड़के एक भीषण अग्निकांड ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय इमारत में कई परिवार मौजूद थे और घना धुआं फैलने के कारण लोग अंदर फंस गए थे।
पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त कार्रवाई से कई लोगों की जान बचाई जा सकी, लेकिन तीन लोगों को नहीं बचाया जा सका।
रात 2:24 बजे मिली आग लगने की सूचना
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गोविंदपुरी थाने को शुक्रवार तड़के करीब 2:24 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे।
आग तुगलकाबाद एक्सटेंशन की एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में लगी थी। आग के साथ-साथ पूरे भवन में तेजी से धुआं भर गया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।
8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) हेमंत तिवारी ने बताया कि बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भारी धुएं के बीच आठ लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायलों को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल और AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में 3 लोगों की मौत
पुलिस के मुताबिक, इस दर्दनाक हादसे में एक 22 वर्षीय युवक और दो महिलाओं की मौत हुई है।
वहीं दो अन्य लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग संभवतः इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर हुए विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण कर रही है।
दिल्ली में बढ़ते अग्निकांडों पर उठे सवाल
हाल के महीनों में दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में नियमित विद्युत जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
गोविंदपुरी का यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को सामने लाता है। पांच मंजिला इमारत में लगी आग ने तीन लोगों की जान ले ली, जबकि दो लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।





