चक्रवात मोंथा ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, 43 हजार हेक्टेयर फसलें बर्बाद

आंध्र प्रदेश के तट से गुरुवार रात टकराए भीषण चक्रवात मोंथा ने राज्य के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मोंथा ने कल शाम करीब 7 बजे काकीनाडा के पास लैंडफॉल किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही।
चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे करीब 43,000 हेक्टेयर में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। मौसम विभाग ने आज भी राज्य और यानम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में बारिश 20 सेंटीमीटर से ज्यादा हो सकती है।
सबसे ज्यादा बारिश आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में दर्ज की गई। वहीं, ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही ने बताया कि राज्य में कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर पेड़ गिरने और हल्के भूस्खलन की घटनाएं हुईं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
चक्रवात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने 26 टीमें तैनात की हैं — जिनमें 12 टीमें आंध्र प्रदेश, 6 ओडिशा और 3 उत्तरी तमिलनाडु में तैनात हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी टीमें भेजी गई हैं।
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के अधिकारियों के साथ बैठक कर चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है। मंत्रालय ने सभी राज्यों को आश्वासन दिया है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।





