
नई दिल्ली: हाल ही में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद चीन ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बुधवार (24 जून, 2026) को कहा कि बीजिंग आपसी विश्वास को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच मौजूद संदेहों को दूर करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह बयान चीनी विदेश मंत्री वांग यी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23 जून, 2026 को हुई मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आया है।
आपसी सहयोग और विकास पर जोर
प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “चीन भारत के साथ मिलकर काम करने, आपसी विश्वास को निरंतर बढ़ाने, संवेदनशील मुद्दों को सही ढंग से संभालने और दोनों देशों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है”।
वहीं, भारत में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने बताया कि बैठक के दौरान विदेश मंत्री वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन, दोनों सबसे बड़े विकासशील देश होने के नाते, ‘ग्लोबल साउथ’ देशों में एकजुटता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में एक अनुकरणीय भूमिका निभा सकते हैं।
ब्रिक्स (BRICS) में सहयोग जारी रहेगा
चीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स (BRICS) के कामकाज का समर्थन करना जारी रखेगा। राजदूत जू फीहोंग ने कहा कि चीन ब्रिक्स सहयोग को ठोस रूप से आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रीमियर ली कियांग के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं और ब्रिक्स के मंच पर सहयोग जारी रखने का समर्थन किया। यह घटनाक्रम नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) की बैठक के बाद हुआ है।





