खेल

IPL से पहले KKR ने मुस्तफिजुर रहमान को किया रिलीज, BCCI के निर्देश पर फैसला

आईपीएल के आगामी सीजन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। फ्रेंचाइज़ी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह फैसला आईपीएल की संचालन संस्था बीसीसीआई के निर्देश पर लिया गया है।

KKR ने अपने बयान में कहा कि बीसीसीआई/आईपीएल ने उन्हें मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने के लिए कहा था, जिसके बाद सभी प्रक्रियाओं और आपसी विचार-विमर्श के बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही टीम ने यह भी साफ किया कि आईपीएल नियमों के तहत KKR को एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लेने की अनुमति दी जाएगी, जिसकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

इस बीच, मैदान पर मुस्तफिजुर रहमान का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में मजबूत प्रदर्शन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में 400 विकेट पूरे कर लिए हैं और इस उपलब्धि के लिए वह सभी के समर्थन के आभारी हैं।

हालांकि, मैदान के बाहर हालात उनके लिए अलग दिशा में जाते नजर आए। आईपीएल नीलामी में KKR ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये था। इस बोली के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स भी रेस में थीं।

मुस्तफिजुर के चयन के बाद कुछ राजनीतिक नेताओं और धार्मिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई थी। ये आपत्तियां भारत-बांग्लादेश के मौजूदा संबंधों और पड़ोसी देश में कथित अस्थिर हालात को लेकर सामने आई थीं। इसके बाद बीसीसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड ने KKR को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के लिए कहा है और टीम जरूरत पड़ने पर उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल कर सकती है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि KKR उनकी जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल करता है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button