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एआई स्कैम ने उड़ा दिए 66 लाख! फाइनेंस मिनिस्टर के फर्जी वीडियो से रचा गया जाल

उत्तराखंड के रुड़की में रहने वाले एक शख्स के साथ बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक फर्जी निवेश योजना के नाम पर आरोपी ने उससे 66 लाख रुपये ठग लिए। हैरानी की बात यह है कि इस स्कैम में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का एआई से बना नकली वीडियो इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया है।

राज्य साइबर क्राइम यूनिट के मुताबिक, पीड़ित ने फेसबुक पर एक वीडियो देखा जिसमें वित्त मंत्री निवेश योजना को प्रमोट करती दिख रही थीं। वीडियो देखकर उसने इसे असली मान लिया और बताए गए लिंक से एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर लिया। ऐप पर उसने खुद को रजिस्टर किया और निवेश शुरू कर दिया।

जांच में पता चला कि आरोपी नितिन गौड़ (34) और निक्कू बाबू (29) ने खुद को क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट कंपनी cryptopromarket.com का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। दोनों ने उसे मई 7 से 29 के बीच कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मना लिया।

फर्जी वीडियो को PIB ने पहले ही किया था फेक घोषित
गौर करने वाली बात यह है कि प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने अगस्त में इस वायरल वीडियो को फर्जी बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी थी।

जब पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर कर दिए और आरोपी ने जवाब देना बंद कर दिया, तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने देहरादून साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के जरिए आरोपियों को ट्रैक किया। इसके लिए मेटा की तकनीकी मदद भी ली गई। आरोपी लोकेशन छिपाने के लिए VPN, प्रॉक्सी सर्वर और पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे थे।

नोएडा में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से ATM कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं और विदेश में बैठे हैं।

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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