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आतंकवादी संगठन हमास के सदस्य बसीम नईम के इंटरव्यू पर क्या बोले न्यूज़मोबाइल के संपादक ने सौरभ शुक्ल, पढ़ें –

आतंकवादी संगठन हमास के सदस्य बसीम नईम के इंटरव्यू पर क्या बोले न्यूज़मोबाइल के संपादक ने सौरभ शुक्ल, पढ़ें –

 

एक न्यूज़ मीडिया एजेंसी द्वारा आतंकवादी संगठन हमास के एक सदस्य बसीम नईम का एक इंटरव्यू प्रसारण किया। जिसके बाद देश और दुनिया में किसी आतंकी संगठन के सदस्य के इंटरव्यू को लेकर निंदा तथा चर्चाएं शुरू हो गयी। इसी मुद्दे पर भारतीय न्यूज़ चैनल ‘रिपब्लिक’ पर चल रही NO INTERVIEW WITH TERRORIST नामक एक डिबेट में न्यूज़मोबाइल के संपादक सौरभ शुक्ल ने भी अपने विचार रखें। बता दें कि चैनल के इस डिबेट कार्य्रकम को वरिष्ठ पत्रकार व चैनल के संपादक अर्नब गोस्वामी होस्ट कर रहे थे।

न्यूज़मोबाइल संपादक सौरभ शुक्ला ने डिबेट के दौरान कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि हमास एक आतंकवादी संगठन है जिसने एक भयानक आतंकी हमला किया। यह हमला इंसानियत के खिलाफ व मासूम और निर्दोष नागरिकों के ऊपर किया गया जिसका विरोध किया जाना चाहिए।

 

 

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उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चाहे कोई भी संपादक हो उसे उन मुद्दों का अहमियत को समझना होगा कि क्या आप आतंकवाद के विरोध में खड़े हैं या यह आतंवाद के साथ हैं। सौरभ ने कहा कि जब आप किसी आतंकी संगठन के किसी नेता का इंटरव्यू लेते हैं तो एक तरह से आप उन्हें एक प्लेटफॉर्म व माध्यम देते हैं जो आतंकवाद को बढ़वा देता है। उन्होंने कहा कि मैंने वो इंटरव्यू देखा है साथ ही उस इंटरव्यू पर इजराइली दूत द्वारा दी गयी प्रतक्रिया को भी समझा है और इजराइली दूत सही कह रहे हैं।

संपादक सौरभ शुक्ल ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल सगठनों का इंटरव्यू किसी भी पत्रकार या न्यूज़ मीडिया एजेंसी को नहीं लेना चाहिए। किसी आतंकी संगठन या उसके नेता का इंटरव्यू लेना यह प्रसारण करना यह दर्शाता है एक पत्रकार या न्यूज़ मीडिया एजेंसी आतंकवाद का सपोर्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी पत्रकार कितनी भी अच्छी पत्रकारिता करता हो यह लेकिन किसी भी आतंकी या आतंकी संगठन का इंटरव्यू कभी भी नहीं लेना चाहिए।  इससे आतंकयों का मनोबल और मजबूत होता है।

हमास ने इजराइल पर जो भी हमले किए वो इंसानियत को शर्मशार करने वाले थे और उसकी घोर निंदा होना चाहिए। कोई भी कारण हो,  मासूमों की हत्या करना

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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