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मनरेगा के बजट में कटौती, सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप

मनरेगा के बजट में कटौती, सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप

 

आज संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का 12वां दिन है। संसदीय कार्यवाही के दौरान आज महंगाई के मुद्दे पर राज्यसभा और लोकसभा में फिर से हंगामे का असर हो रहा है। विपक्ष केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग कर रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा के बजट में भी कटौती करने का आरोप लगाया।

 

 

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी ने कहा कि इस साल मनरेगा का बजट साल 2020 की तुलना में 35% कम है जबकि बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है। बजट में कटौती से कामगारों के भुगतान में देरी होती है जिससे सुप्रीम कोर्ट ने बंधुआ मजदूरी मना है।

 

उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले कई लोगों ने महात्मा गांधी मनरेगा का मजाक उड़ाया था,उसी मनरेगा ने कोरोना और लॉकडाउन में करोड़ों प्रभावित गरीबों को ठीक समय पर मदद करते हुए सरकार की बचाव में सकारात्मक भूमिका निभाई। फिर भी मनरेगा के लिए आवंटित बजट में लगातार कटौती की जा रही है। सोनिया ने कहा कि मैं केंद्र सरकार से आग्रह करती हूं कि मनरेगा के लिए उचित आवंटन किया जाए,काम के 15 दिनों के भीतर कामगारों को मज़दूरी का भुगतान सुनिश्चित हो,मजदूरी भुगतान में देरी की स्थिति में कानूनी तौर पर मुआवज़े का भुगतान सुनिश्चित हो

 

वहीं उनके इस बयान का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि UPA के समय में जो बजट होता था उतना भी खर्च नहीं होता था लेकिन आपदा के समय मोदी सरकार ने 1 लाख करोड़ रु.से ज्यादा बजट का प्रावधान किया। हमने जियोटैगिंग शुरु की और इस पर कार्रवाई करने का काम किया। आज बटन दबाने से मनरेगा मजदूरों के खाते में पैसा जाता है: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

 

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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