लोकसभा में आज पेश होगा एंटी-पेपर लीक बिल, 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए जुर्माने का प्रावधान

Paper Leak Bill 2026 : देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार आज लोकसभा में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पेश करेगी। संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे। सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
आज लोकसभा में पेश होगा Paper Leak Bill 2026
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी। इसके बाद डॉ. जितेंद्र सिंह Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को विचार और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेंगे।
सरकार का दावा है कि यह संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
क्या हैं नए बिल के प्रमुख प्रावधान?
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। बिल के अनुसार—
- पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की जेल हो सकती है।
- ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
- दोषियों की अवैध संपत्ति जब्त करने का प्रावधान होगा।
- मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी।
- तीन महीने के भीतर मामलों के निपटारे की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट पहले ही दे चुकी है मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह इस विधेयक और उससे जुड़े अन्य प्रावधानों को मंजूरी दे दी थी। सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन आवश्यक है, ताकि संगठित तरीके से होने वाले पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर अंकुश लगाया जा सके।
संसद में लंबी चर्चा की संभावना
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक पर लोकसभा में 8 से 10 घंटे तक चर्चा हो सकती है। भाजपा और एनडीए के कई युवा सांसद बहस में हिस्सा लेंगे और परीक्षा सुधारों पर सरकार का पक्ष रखेंगे।
वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दल 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और परीक्षा सुधारों को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं।
छात्रों के लिए क्यों अहम है यह बिल?
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों में परीक्षा प्रणाली को लेकर भरोसा कम हुआ है। सरकार का कहना है कि नया संशोधन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और ईमानदार छात्रों के हितों की रक्षा करेगा।
अब सभी की नजर संसद की कार्यवाही पर है, जहां इस विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी। यदि यह कानून बनता है तो देश में सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े अपराधों पर पहले से कहीं अधिक कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।





