लालकृष्ण आडवाणी, लालू यादव, मुलायम सिंह यादव की ये तस्वीर हो रही है गलत दावों के साथ शेयर, जानें सच

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मद्देनजर दिग्गज राजनेता लालकृष्ण आडवाणी, लालू यादव और मुलायम सिंह यादव की तीन तस्वीरों का एक कोलाज बनाकर शेयर किया जा रहा है । इस कोलाज में, RJD नेता लालू यादव को सलाखों के पीछे देखा जा सकता है, जबकि, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को अस्पताल के बिस्तर पर लेटा देखा जा सकता है।
कोलाज के साथ कैप्शन में लिखा है – “राम मंदिर के लिए जेल जाने वाले आज राम जी का मंदिर बनते देख रहे है । जेल भेजने वाले जेल में चक्की पीस रहे है, कर-सेवक पर गोली चलवाने वाला अस्पताल में दावा की गोली खा रहे है । सब राम जी की कृपा है।”

ऐसा ही एक पोस्ट को आप यहाँ भी देख सकते है।
फैक्ट चेक :
न्यूज़ मोबाइल ने जब इस कोलाज का सच जाना तो पता चला की ये कोलाज फेक है। सच जानने के लिए हमने तस्वीरों को एक- एक कर के सर्च किया।
लाल कृष्णा आडवाणी –
लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीर का सच जानें के लिए हमने उनकी तस्वीरों को रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से खोजा तो हमे गेटी इमेज की आधिकारिक वेबसाइट पर आडवाणी की वहीं तस्वीर मिली।

कैप्शन के अनुसार, यह तस्वीर 6 अप्रैल 2004 को ली गई थी, जब लालकृष्ण आडवाणी (तत्कालीन उप प्रधानमंत्री) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अपने चुनाव अभियान के दौरान हनुमान गढ़ी मंदिर से प्रार्थना करने के बाद बाहर आए थे।
लालू यादव
जब हमने लालू यादव की तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से सर्च किया तो हमे लालू प्रसाद की वो असली तस्वीर मिली जिसमे वो सलाखों के पीछे नहीं थे। तस्वीर को 09 दिसंबर, 2017 के एक आर्टिकल में, पत्रिका में पोस्ट किया गया था।


ऊपर FAKE बनाम REAL कोलाज में, यह स्पष्ट है कि फोटो को सॉफ्टवेयर के उपयोग से सलाखों के पीछे किया गया है। इस फोटो में मूल चित्र पर सलाखों को सुपरइम्पोज़ किया गया था।
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मुलायम सिंह यादव
‘टाइनी इमेज’ के माध्यम से मुलायम सिंह यादव की तीसरी तस्वीर डालने पर, हमें अमर उजाला द्वारा दिनांक 20 मार्च, 2020 का एक लेख मिला, जिसमें हमे वही चित्र मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव को मार्च 2020 में डायरिया के कारण भर्ती कराया गया था। हालाँकि, 13 जुलाई, 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पत्रिका द्वारा, यादव को हाल ही में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
निष्कर्ष में, ये तस्वीरें अलग-अलग समय से उठा कर अलग – अलग कैप्शन के साथ शेयर की जा रही है जो भ्रामक है।
यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 88268 00707 पर व्हाट्सएप करें।







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