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एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- रीवा ने रचा इतिहास

पीएम नरेंद्र ने आज मध्य प्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया जो एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट है। एशिया के सबसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट के उद्घाटन के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व कई केंद्रीय मंत्री भी इस इवेंट में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सामर्थ्य पर विश्वास जताया और कहा कि यह विश्व की सुरक्षा का नींव है जो रीवा में रखा गया है क्योंकि पर्यावरण की स्वच्छता में इसका अहम योगदान होगा।

मध्यप्रदेश के रीवा में एशिया के सबसे बड़े सौर संयंत्र की क्षमता 750 मेगावट बिजली उत्पादन की है. यह संयंत्र रीवा जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर गुढ़ में 1590 एकड़ में फैला हुआ है. यह परियोजना रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, एमपी ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और भारत के सौर ऊर्जा निगम का एक संयुक्त उद्यम है. इस परियोजना में एक सौर पार्क के अंदर स्थित 500 हेक्टेयर भूमि पर 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं.

उन्होंने इस सोलर प्लांट की तुलना किसी खेल में लहलहाती फसल से की। उन्होंने कहा कि ऊपर से देखने पर यूं लगता है कि किसी खेत में फसल खड़ी हो।

श्योर, प्योर और सेक्योर
इस प्लांट से हम दुनिया के टॉप-5 देशों में पहुंच गए हैं। ये 21वीं सदी का सबसे अहम कदम है। ये श्योर है, प्योर है और सेक्योर है। श्योर इस लिए क्योंकि दूसरे स्रोत खत्म हो सकते हैं, लेकिन सूरज दुनिया में हमेशा चमकेगा। प्योर इसलिए क्योंकि ये पर्यावरण को प्रदूषण नहीं करता, सुरक्षित रखता है। सेक्योर इसलिए क्योंकि आत्म निर्भरता का एक बड़ा प्रतीक है, प्रेरणा है।

 

 

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दिल्ली में मेट्रो को भी मिलेगा इसका लाभ
पीएम मोदी ने कहा कि रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है. अब इसमें एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर का नाम भी जुड़ गया है. रीवा का ये सोलर प्लांट इस पूरे क्षेत्र को, इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा. इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को, यहां के उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही, दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा.

पीएम ने कहा कि ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्य प्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का हब बन जाएगा.इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों, आदिवासियों को होगा.

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