20 जुलाई छात्र प्रदर्शन मामला: राहुल के आरोप, CJP की मांग और सरकार का जवाब

20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों पर गोली चलाने का आदेश सिर्फ गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर गृह मंत्री को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी, तो यह भी गंभीर बात है।
राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई में गृह मंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में एक छात्र की आंखों की रोशनी चली गई और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
This raises serious concerns about the Home Minister’s role in July 20 Police Brutality case. He must be held accountable. Every life is precious. A student lost his vision for life at the Home Minister’s order! Answer now. https://t.co/JhtNR3Zigb
— Saurav Das (@SauravDassss) July 29, 2026
राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिना किसी सबूत के इस तरह के आरोप लगाना गलत है। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान पर माफी मांगने और उसे वापस लेने की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना और सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाए जा सकते।
बाद में संसद परिसर के बाहर किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार राहुल गांधी के बयान से नाराज है। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने एंटी-पेपर लीक बिल पर कोई ठोस चर्चा नहीं की और गृह मंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाए।
रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस फायरिंग का आदेश किसी मंत्री द्वारा नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में फैसला मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) लेते हैं।
इस बीच 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद जारी है। एक पुलिस डायरी एंट्री में दो राउंड पेलेट चलाने का जिक्र सामने आया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केवल आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब गोली चली ही नहीं, तो फायरिंग का आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दोहराया कि इस तरह के आदेश देने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट के पास होता है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल और जवाब का सिलसिला जारी है।





