
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बादल फटने (Cloudburst) की एक बड़ी घटना सामने आई है। कांगड़ा की बोह घाटी में अचानक बादल फटने से फ्लैश फ्लड और भारी मलबा आ गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में 3 लोग घायल हो गए हैं और कुल 18 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मलबे की चपेट में आए कई गांव और घर
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बोह घाटी के सापेदी और गरुड़ गांवों में बादल फटने के बाद भारी मलबा आया, जबकि लाम गांव में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को मूसलाधार बारिश के दौरान 6 घर बह गए थे, और बुधवार को 12 और मकानों को नुकसान पहुंचा, जिससे क्षतिग्रस्त मकानों की कुल संख्या 18 हो गई है। इसके अलावा, 13 पक्के और 5 कच्चे घर, 9 गोशालाएं तथा कई मवेशी भी इस आपदा की चपेट में आ गए हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ।
मौसम विभाग का भारी बारिश और अलर्ट
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान हल्के से मध्यम फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का जोखिम जताया है। कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन व सिरमौर में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। यह दौर 27 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।
रास्ते बंद, प्रशासन की चेतावनी
डिब्बा और मानेद नाला क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों के पास न जाएं तथा उफनते पुलों को पार करने की कोशिश न करें।





