भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, माल ढुलाई और निर्माण कार्य को सुधारने के लिए 8 नए सुधारों का ऐलान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने '52 सप्ताह में 52 सुधार' पहल के तहत कई बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिससे माल ढुलाई तेज होगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के कामकाज को और अधिक आधुनिक और कुशल बनाने के लिए मंगलवार को 8 बड़े सुधारों का ऐलान किया है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य माल ढुलाई (Freight movement) को बढ़ावा देना और रेलवे प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता में सुधार करना है।
क्या हैं ये प्रमुख सुधार?
रेल मंत्री द्वारा घोषित ये सुधार फ्लाई ऐश परिवहन, कंटेनर सेक्टर, उर्वरक ढुलाई, वैगन डिजाइन और निर्माण कार्यों से संबंधित हैं। इन घोषणाओं के साथ ही, इस साल की शुरुआत में शुरू की गई “52 सप्ताह में 52 सुधार” पहल के तहत कुल सुधारों की संख्या अब 17 हो गई है।
1. फ्लाई ऐश का प्रदूषण मुक्त परिवहन: अब फ्लाई ऐश को बंद कंटेनरों (Closed containers) में ले जाया जाएगा, जिससे परिवहन के दौरान प्रदूषण नहीं होगा। वर्तमान में, फ्लाई ऐश को खुले वैगनों में ले जाया जाता है।
2. कंटेनर और उर्वरक ढुलाई में आसानी: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए एक सिंगल यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, उर्वरकों को भी अब कंटेनरों में ले जाया जाएगा, जिससे उनकी हैंडलिंग आसान हो जाएगी।
3. वैगन डिजाइन में नई नीति: रेलवे अब वैगन डिजाइन के मामले में निजी क्षेत्र को बढ़ावा देगा। अब उद्योग जगत (Industry) खुद वैगन डिजाइन का प्रस्ताव रख सकेगा। इससे विशेष उद्योग की जरूरतों के हिसाब से वैगन तैयार करना आसान हो जाएगा।
4. श्रमिकों के कौशल का विकास: रेलवे प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले इलेक्ट्रीशियन, फिटर, प्लंबर और मिस्त्री जैसे कर्मचारियों के लिए एक विशेष मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि तकनीकी काम केवल कुशल और प्रमाणित लोगों द्वारा ही किए जाएं।
5. निर्माण और भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता: निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों को अब अनुबंध की शुरुआत में ही 10% प्रदर्शन सुरक्षा (Performance security) जमा करनी होगी, जो अभी रनिंग बिल से काटी जाती है। साथ ही, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए ‘रेल भूमि’ (Rail Bhoomi) पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।





