ट्रंप का दावा होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने मध्य पूर्व में किया पलटवार

US-Iran War एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि Hormuz Strait पूरी तरह खुला है और वहां जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं और इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ट्रंप का दावा- Hormuz Strait खुला है
NBC के कार्यक्रम ‘Meet the Press’ में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई के बाद Hormuz Strait खुल चुका है। उन्होंने कहा, “हाँ, यह खुला है। हमने बीती रात उनके ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया।”
ट्रंप ने ईरान के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि जलडमरूमध्य अब भी बंद है।
अमेरिका ने 140 से ज्यादा ठिकानों पर किया हमला
अमेरिकी Central Command (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान में करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक ठिकाने, गोला-बारूद भंडार, संचार नेटवर्क और निगरानी केंद्र शामिल थे।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई Hormuz Strait में मालवाहक जहाजों पर हुए हमलों के बाद की गई।
ट्रंप ने ईरान पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने एक दिन पहले प्रस्तावित समझौते पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में पीछे हट गया।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की शर्त शामिल थी। ट्रंप के मुताबिक, बातचीत छोड़ने के बाद ईरान ने एक जहाज पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की।
ईरान ने किया जवाबी हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने मध्य पूर्व में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर, कुवैत में रडार स्टेशन, ओमान में विमानवाहक पोत के सपोर्ट और ईंधन प्लेटफॉर्म तथा कतर में जेट मेंटेनेंस सेंटर और कमांड बेस पर हमले किए।
Hormuz Strait क्यों है अहम?
Hormuz Strait दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है।
ईरान का कहना है कि उसके पास इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण से जुड़ा वैध समझौता है और वह अपने अधिकारों की रक्षा कर रहा है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।





