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Viral App से बीच सड़क बंद हो रही ई-रिक्शा! BAT-BMS और Lossigy ऐप ने बढ़ाई ड्राइवरों की मुश्किलें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो ने ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS और Lossigy जैसे मोबाइल ऐप के जरिए कुछ लोग चलते हुए ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद कर रहे हैं। इस घटना के बाद बैटरी सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

कैसे काम करता है यह ‘किल स्विच’?

रिपोर्ट के मुताबिक, कई ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल ऐप से कनेक्ट हो जाते हैं। यदि इन सिस्टम में पासवर्ड सुरक्षा नहीं होती, तो कोई भी नजदीक मौजूद व्यक्ति ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर वाहन की पावर बंद कर सकता है।

बताया जा रहा है कि एक बार वाहन बंद होने के बाद कई मामलों में उसे दोबारा चालू करने के लिए उसी ऐप की जरूरत पड़ती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

हाल के दिनों में इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और रेडिट पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें लोग ई-रिक्शा के पास जाकर मोबाइल ऐप से उसे बंद करते नजर आ रहे हैं। इन वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है, जिससे इस तरह की घटनाओं में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।

ड्राइवरों ने जताई चिंता

ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि चलते वाहन के अचानक बंद हो जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। कई ड्राइवरों के अनुसार, यह समस्या पहले भी सामने आती रही है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

कई किराये पर ई-रिक्शा चलाने वाले चालकों के पास स्मार्टफोन भी नहीं होता, जिससे वाहन दोबारा चालू करना उनके लिए और मुश्किल हो जाता है।

सभी ई-रिक्शा नहीं हैं प्रभावित

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या सभी ई-रिक्शा में नहीं है। पुराने लेड-एसिड बैटरी वाले वाहन इस समस्या से प्रभावित नहीं होते। वहीं कई कंपनियां सुरक्षित और अलग प्रकार के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं, जिनमें थर्ड-पार्टी ऐप काम नहीं करते।

सरकार ने शुरू की जांच

दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों ने इस मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐप्स और बैटरी सिस्टम की सुरक्षा की जांच की जा रही है। यदि सुरक्षा में खामियां पाई जाती हैं, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट और ब्लूटूथ से जुड़े उपकरणों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में उचित प्रमाणीकरण (Authentication) नहीं होगा, तो ऐसी कमजोरियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

बढ़ती तकनीक के साथ बढ़ी सुरक्षा की चुनौती

भारत में ई-रिक्शा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बैटरी और सॉफ्टवेयर सुरक्षा को मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षित बैटरी सिस्टम, पासवर्ड सुरक्षा और बेहतर साइबर मानकों को लागू करना आवश्यक होगा.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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