भारत-जापान का पाकिस्तान को कड़ा संदेश, सीमा पार आतंकवाद की एक सुर में निंदा

भारत और जापान ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की है। 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले और नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट की निंदा की। दोनों नेताओं ने 29 जुलाई 2025 की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया, जिसमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का जिक्र किया गया था।
संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि इन हमलों के साजिशकर्ताओं, आतंकियों और उन्हें आर्थिक मदद देने वालों को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। भारत और जापान ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के हर रूप की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भी वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित सभी आतंकी संगठनों और उनके सहयोगी नेटवर्क, जैसे अल-कायदा, ISIS/दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के खिलाफ समन्वित वैश्विक कार्रवाई का भी आह्वान किया। संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपनी “मेरी छोटी बहन” कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।




