विदेश

वियना में बच्चों तक पहुंचीं पंचतंत्र की कहानियां, भारतीय राजदूत शंभू कुमारन ने दिखाई भारतीय संस्कृति की झलक

वियना: ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू एस. कुमारन ने वियना के स्कूली बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाकर भारतीय संस्कृति और साहित्य से परिचित कराया। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाना है।

राजदूत शंभू कुमारन ने इस खास अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि ऑस्ट्रियाई बच्चे पंचतंत्र की कहानियों से आसानी से जुड़ गए। उन्होंने इसे एक ऐसा सांस्कृतिक पुल बताया, जो अलग-अलग देशों और पीढ़ियों को कहानियों के माध्यम से जोड़ता है।


उन्होंने ऑस्ट्रिया के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट क्लाउस पिटर का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने पंचतंत्र की कहानियों के लिए आकर्षक और रंगीन चित्र बनाए हैं। भारत के दूतावास ने इस पहल को ‘गुरुकुल डिप्लोमेसी’ का नाम दिया है। दूतावास के अनुसार, हाल ही में ऑस्ट्रियाई स्कूली बच्चों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा में अनुवाद भी प्रकाशित किया गया है।

इस पुस्तक में पंचतंत्र की चुनिंदा कहानियों को सरल भाषा और रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है। इन कहानियों के जरिए बच्चों को बुद्धिमानी, मित्रता, ईमानदारी, टीमवर्क और सही निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों से परिचित कराया गया है।

दूतावास का कहना है कि इस पहल का मकसद ऑस्ट्रिया के बच्चों को भारत की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

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