Ram Mandir Donation Case: 80 लाख रुपए बरामद, 23 लाख रुपए की जमीन समेत जांच में बड़े खुलासे

Ayodhya Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान करीब ₹79.85 लाख नकद, ₹23 लाख की जमीन और एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े अहम सुराग सामने आए हैं।
पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है।
कैसे सामने आया मामला?
पूरा मामला 7 जून को चर्चा में आया, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई ₹5 करोड़ से ₹7.5 करोड़ तक की दान राशि में कथित हेराफेरी हुई है।
इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू हुई।
आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें—
- अनुकल्प मिश्रा
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडेय
- मनीष यादव
- लवकुश मिश्रा
- रामाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव
- रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
₹79.85 लाख नकद बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों के पास से ₹79,85,893 नकद बरामद किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह कथित गड़बड़ी से जुड़ी रकम का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इससे अधिक राशि का गबन तो नहीं हुआ।
₹23 लाख की जमीन खरीद जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी लवकुश मिश्रा ने हाल ही में अयोध्या के सहादतगंज क्षेत्र में लगभग ₹23 लाख की जमीन खरीदी थी।
यह जानकारी छापेमारी के दौरान आरोपी के ससुर के मोबाइल फोन से मिले दस्तावेजों से सामने आई। अब पुलिस इस संपत्ति के लिए इस्तेमाल हुए पैसों के स्रोत की जांच कर रही है।
घरेलू सामान खरीदने में भी खर्च हुई रकम
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित रूप से गबन की गई राशि का कुछ हिस्सा स्मार्टफोन, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू सामान खरीदने में भी खर्च किया गया।
इन खरीदारी से जुड़े बिल और भुगतान के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका भी जांच में
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए आठ में से छह आरोपी वाराणसी की एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े थे।
यह एजेंसी मंदिर में दान राशि की गिनती के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करती थी। पुलिस अब एजेंसी की भूमिका और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
आरोपियों की आय और संपत्ति की होगी जांच
जांच अधिकारी अब सभी आरोपियों और उनके परिजनों के आधार, पैन कार्ड, बैंक खाते और संपत्ति का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाएगी कि मंदिर में नौकरी मिलने से पहले और बाद में उनकी आर्थिक स्थिति में कितना बदलाव आया। आय, निवेश और संपत्ति का पूरा मिलान किया जाएगा।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल हैं।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। यदि पूछताछ या वित्तीय जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर दान मामले में अब तक सामने आए खुलासों ने जांच को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





