ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा भारतीय प्रतिनिधिमंडल

नई दिल्ली: भारत सरकार ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। हालांकि, उनकी जगह भारतीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान जाकर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करेगा। सैयद अता हसनैन भारतीय शिया समुदाय की भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व करेंगे।
अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी। अयातुल्ला खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहीं, 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में भी विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होगा। 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर हुए इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों में मौत हो गई थी। उन्होंने करीब 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में तेहरान, मशहद और क़ोम में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई देशों के नेताओं के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। इस बीच, मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी पर भी सभी की नजरें हैं। बताया जा रहा है कि फरवरी में हुए हमले में घायल होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
यह घटनाक्रम हाल ही में हुए अमेरिका-ईरान शांति समझौते और स्विट्जरलैंड में जारी दोनों देशों के बीच बातचीत के बीच सामने आया है।





